
CG News:- चोर पकड़ने गई पुलिस टीम खुद ही चोरी का शिकार हो गई, रेड के दौरान एक शातिर आरोपी पुलिस की बोलेरो वाहन लेकर फरार हो गया। कोतवाली थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे की टीम सत्तीपारा में कार्रवाई कर रही थी, तभी आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। हालांकि बोलेरो में छूटे डीएसपी के मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने वाहन को ट्रेस कर राम मंदिर के पास से बरामद कर लिया और आरोपी मुकेश नामदेव को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से वाहन और उसकी चाबी दोनों जब्त की गई हैं।
Ambikapur अम्बिकापुर। खबर ऐसी है, जो पुलिस कार्रवाई की हकीकत और अपराधियों के दुस्साहस—दोनों को एक साथ सामने रख देती है। कोतवाली थाना क्षेत्र में गांजा रेड के दौरान एक शातिर चोर पुलिस की ही बोलेरो वाहन लेकर फरार हो गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती—जिस तकनीक के दम पर पुलिस अपराधियों तक पहुंचती है, उसी ने इस बार पुलिस की भी लाज बचा ली।
रेड के बीच कैसे हुआ खेल
कोतवाली थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी निशांत कुर्रे अपनी टीम के साथ सत्तीपारा इलाके में गांजा की सूचना पर दबिश देने पहुंचे थे। माहौल पूरी तरह कार्रवाई वाला था—पुलिस अपने काम में व्यस्त थी। इसी बीच, एक शातिर नजर सब कुछ भांप रही थी। मौका मिला और उसने सीधे पुलिस की बोलेरो पर हाथ साफ कर दिया। कुछ ही पलों में गाड़ी मौके से गायब थी।
जब पुलिस खुद तलाश में लगी
घटना का पता चलते ही टीम में हड़कंप मच गया। जिस गाड़ी से रेड पर आए थे, वही गायब हो जाए—यह स्थिति किसी भी पुलिस टीम के लिए असहज थी। तत्काल नाकेबंदी और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा।
मोबाइल लोकेशन बना अहम सुराग
जांच के दौरान पता चला कि प्रशिक्षु डीएसपी का मोबाइल फोन बोलेरो में ही छूट गया था। पुलिस ने इसी मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कर वाहन की दिशा का पता लगाया। तकनीकी ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए वाहन का पीछा किया।
राम मंदिर के पास मिली बोलेरो
लोकेशन के आधार पर पुलिस राम मंदिर के पास पहुंची, जहां से चोरी हुई बोलेरो वाहन को बरामद कर लिया गया। वाहन सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी।
आरोपी मुकेश नामदेव गिरफ्तार
तलाश के दौरान पुलिस ने शातिर आरोपी मुकेश नामदेव को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से बोलेरो वाहन और उसकी चाबी दोनों बरामद की गई हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वारदात पूर्व नियोजित थी या मौके का फायदा उठाकर की गई।
जांच जारी, सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना सिर्फ एक चोरी नहीं है। यह सवाल भी है—क्या पुलिस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के प्रोटोकॉल पर्याप्त हैं? क्या अपराधी अब इतने बेखौफ हो चुके हैं कि वे पुलिस के बीच से ही वारदात कर गुजरें? फिलहाल, कोतवाली पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। लेकिन यह घटना अम्बिकापुर में चर्चा का विषय जरूर बन गई है—जहां एक चोर ने कुछ देर के लिए ही सही, पुलिस को ही दौड़ाने पर मजबूर कर दिया।

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