
CG Crime News:- गमछा छोड़ गया कातिल, पुलिस डॉग ‘रूबी’ ने सूंघकर पहुंचा दिया सलाखों के पीछे पूर्व में दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुका आरोपी, अब दोस्त की हत्या में गिरफ्तार; एसएसपी ने डॉग मास्टर को पुरस्कार देने की घोषणा की

रायगढ़। शराब की महफिल सजी, दोस्त साथ बैठे, खाना खाया और जाम छलके। लेकिन कुछ ही देर बाद वही दोस्त दुश्मन बन गया। कहासुनी इतनी बढ़ी कि गुस्से में एक युवक ने घर में रखा भारी शील पत्थर उठाया और अपने ही दोस्त के सिर व गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम भकुर्रा में हुए इस अंधे कत्ल का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है।
हत्या की इस गुत्थी को सुलझाने में घटनास्थल पर छूटा एक गमछा, वैज्ञानिक जांच और पुलिस डॉग ‘रूबी’ सबसे बड़े गवाह साबित हुए। इन्हीं सुरागों के सहारे पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसने पूछताछ में पूरा राज उगल दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना लैलूंगा पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश किया।
परछी में पड़ा मिला बेटे का शव, पास में पड़ा था खून से सना शील पत्थर
12 जुलाई 2026 की रात ग्राम भकुर्रा आवासपारा निवासी गोरखनाथ चौहान (65) ने थाना लैलूंगा पहुंचकर सूचना दी कि उनके 23 वर्षीय बेटे रामनाथ उर्फ सोनू चौहान का शव घर की परछी में पड़ा है। शव के पास भारी शील पत्थर पड़ा मिला और सिर व गर्दन पर गंभीर चोटों के निशान थे।
पिता ने पुलिस को बताया कि सोनू शराब का आदी था और नशे की हालत में अक्सर अपनी मां से विवाद और मारपीट करता था। लगातार झगड़ों से परेशान होकर उसकी मां करीब एक सप्ताह पहले अपनी बेटी के घर ग्राम जमुना चली गई थी।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया, फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए और पोस्टमार्टम के बाद हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू हुई।
एक गमछे ने बदल दी जांच की दिशा
घटनास्थल से पुलिस को एक गमछा मिला। यह मामूली कपड़ा नहीं, बल्कि वही सुराग था जिसने पूरी कहानी खोल दी। पुलिस ने डॉग स्क्वाड को बुलाया। डॉग मास्टर वीरेन्द्र अनंत ने पुलिस डॉग ‘रूबी’ को घटनास्थल से मिले सुराग सूंघाए। इसके बाद कई संदिग्धों को एक साथ खड़ा किया गया। रूबी बिना भटके सीधे मृतक के दोस्त भुवनेश्वर यादव के पास पहुंची और स्पष्ट संकेत दिए। यहीं से पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
पूछताछ में टूटा दोस्त, बोला—“गुस्से में मार डाला”
पुलिस ने भुवनेश्वर यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सका। आखिरकार उसने कबूल कर लिया कि घटना वाली रात वह और सोनू साथ बैठकर खाना खा रहे थे और शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। गुस्से में उसने घर में रखा भारी शील पत्थर उठाया और सोनू के सिर व गर्दन पर लगातार कई वार कर दिए। गंभीर चोटों से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने घटना के समय पहने गए उसकी फुल पैंट और टी-शर्ट भी बरामद कर लिए।
पहले दुष्कर्म में गया था जेल, अब हत्या में पहुंचा सलाखों के पीछे
जांच में आरोपी की पहचान भुवनेश्वर यादव (26 वर्ष), पिता स्व. तिलूराम यादव, निवासी ग्राम भकुर्रा, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़ के रूप में हुई। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी दुष्कर्म के एक मामले में जेल जा चुका है। अब उस पर अपने ही दोस्त की हत्या का आरोप भी साबित हो गया है।
एसएसपी ने टीम की पीठ थपथपाई, डॉग मास्टर होंगे सम्मानित
हत्या जैसे गंभीर मामले का सिर्फ 72 घंटे में खुलासा होने पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारी गिरधारी साव, थाना लैलूंगा की पूरी टीम और पुलिस डॉग ‘रूबी’ की सराहना की। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य के लिए डॉग मास्टर आरक्षक वीरेन्द्र अनंत को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की।

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