रतनपुर-पेंड्रा मार्ग की बदहाली ने खोली सड़क निर्माण की पोल, बारिश में थम रही हजारों वाहनों की रफ्तार; क्रेन से हटता है जाम, फिर वही कहानी

NH-45 पर सड़क नहीं, गड्ढों का सफर! चार दिन से रोड जाम, घंटों फंसे वाहन… शुक्ला बोले- जनता का धैर्य अब जवाब दे रहा है
बिलासपुर/रतनपुर। बिलासपुर से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही होते हुए मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण NH-45 इन दिनों राहगीरों के लिए परेशानी का दूसरा नाम बन गया है। हालात ऐसे हैं कि सड़क पर वाहन चलाने से ज्यादा मुश्किल अब सड़क तलाशना हो गया है। बारिश शुरू होते ही रतनपुर-पेंड्रा मार्ग की बदहाली खुलकर सामने आ गई है। जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और खराब सड़क के कारण रोजाना वाहनों की लंबी कतार लग रही है।
चार दिन से रोड जाम, क्रेन के भरोसे यातायात – ग्रामीणों के मुताबिक पिछले चार दिनों से लगातार इस मार्ग पर जाम लग रहा है। भारी वाहन खराब सड़क में फंसते हैं और देखते ही देखते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इसके बाद क्रेन बुलाकर वाहनों को हटाया जाता है। जाम खुलने के कुछ समय बाद फिर वही स्थिति निर्मित हो जाती है। यानी जाम हटता है, समस्या नहीं।

ग्रामीणों की सूचना पर पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला मौके पर पहुंचे और सड़क की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों और जाम में फंसे यात्रियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
डामर की सड़क पर भारी लोड, शुक्ला ने उठाए तकनीक पर सवाल – संदीप शुक्ला ने सड़क निर्माण की तकनीक पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं और भारी वाहनों का लोड भी काफी अधिक है। ऐसे में डामर की सड़क लंबे समय तक टिकना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की तकनीक में बदलाव कर यहां कांक्रीट सड़क बनाए जाने पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि जनता को बार-बार सड़क की बदहाली का सामना न करना पड़े।
जाम में फंसे यात्रियों का छलका दर्द
घंटों जाम में फंसे यात्रियों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण उनका सफर घंटों लंबा हो रहा है। जाम के दौरान खाने-पीने की सामग्री तक के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। कई वाहन चालक घंटों तक एक ही जगह फंसे रहने को मजबूर हैं।
गडकरी के दावों पर भी शुक्ला का निशाना
संदीप शुक्ला ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सड़क निर्माण को लेकर किए जाने वाले दावों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश में सड़क निर्माण के लिए पैसे की कमी नहीं होने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी तरफ इस महत्वपूर्ण मार्ग को बने दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सड़क की हालत सुधरने के बजाय और खराब होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि जनता आखिर कब तक गड्ढों, जाम और खराब सड़क की यातना झेलती रहेगी? यदि समय रहते समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आम जनता आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होगी।
सांसदों से लेकर केंद्रीय मंत्री कार्यालय तक पहुंचाई शिकायत
शुक्ला ने सड़क की समस्या को लेकर क्षेत्रीय सांसद तोखन साहू और राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम से फोन पर चर्चा कर उन्हें स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने आम जनता को हो रही परेशानियों से भी अवगत कराया। इसके अलावा केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय में फोन के माध्यम से समस्या की जानकारी देने के साथ ई-मेल के जरिए मुलाकात का समय भी मांगा गया है।
अब सवाल यह है कि NH-45 की बदहाली पर जिम्मेदार कब जागेंगे? क्या जाम और गड्ढों से स्थायी निजात मिलेगी, या फिर बारिश के साथ हर दिन हजारों यात्रियों को इसी तरह परेशानी का सफर तय करना पड़ेगा?

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