CG Breaking News:- 48 घंटे से हाईवे पर हाहाकार! 2 KM तक सैकड़ों वाहन जाम में फंसे, पेंड्रा-बिलासपुर मार्ग ठप; वैकल्पिक रास्ता भी फेल, आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार?

CG Breaking News:-रतनपुर-केंदा NH-46 पर 48 घंटे से जाम ने हाईवे की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मझवानी साईं मंदिर के पास तलगड़ही नाला पुल पर पेंड्रा-बिलासपुर मार्ग ठप है और रतनपुर से मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश जाने वाले करीब 2 किलोमीटर तक सैकड़ों हाईवे वाहन जाम में फंसे हैं। राहत के लिए बनाया गया वैकल्पिक रास्ता भी एक वाहन फंसने से जवाब दे गया। दो दिन से सड़क पर फंसे राहगीर और वाहन चालक परेशान हैं और अब सवाल उठ रहा है—आखिर जिम्मेदारों को यह जाम कब दिखाई देगा और रास्ता कब खुलेगा?
रतनपुर। दो घंटे का जाम हो तो लोग किसी तरह इंतजार कर लेते हैं, लेकिन जब दो दिन यानी करीब 48 घंटे तक हाईवे पर रफ्तार थम जाए, तो परेशानी का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। रतनपुर-केंदा NH-46 पर मझवानी साईं मंदिर के पास तलगड़ही नाला पुल पर पिछले 48 घंटे से जाम की स्थिति बनी हुई है। इसका असर सीधे पेंड्रा-बिलासपुर मार्ग पर पड़ा है और आवागमन बुरी तरह बाधित हो गया है।
रतनपुर से मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर सैकड़ों हाईवे वाहन जाम में फंसे हैं। करीब 2 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। कोई जरूरी काम से निकला है तो कोई लंबी दूरी का सफर कर रहा है, लेकिन सभी की रफ्तार एक ही जगह आकर थम गई है।
दो दिन से सड़क पर इंतजार, राहत कब मिलेगी?
जाम में फंसे वाहन चालकों का कहना है कि लंबे समय से स्थिति जस की तस बनी हुई है। वाहन आगे बढ़ नहीं पा रहे और पीछे से लगातार वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है।अब लोगों का सवाल है कि जब दो दिन से रास्ता प्रभावित है तो यातायात सामान्य कराने के लिए ठोस व्यवस्था कब होगी?
वैकल्पिक रास्ता बनाया, लेकिन वहां भी फंस गया वाहन
मुख्य मार्ग पर परेशानी बढ़ने के बाद ठेकेदार ने वैकल्पिक रास्ता बनाया, ताकि वाहनों को किसी तरह निकाला जा सके। लोगों को उम्मीद थी कि इससे कम से कम जाम का दबाव कम होगा।लेकिन वैकल्पिक रास्ते पर ही एक वाहन फंस गया। इसके बाद वहां भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई और लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
अब सवाल उठ रहा है कि वैकल्पिक रास्ता तैयार करते समय उसकी क्षमता और स्थिति का ठीक से आकलन किया गया था या नहीं।
MP-UP जाने वाले वाहन भी जाम में फंसे
यह मार्ग रतनपुर को मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश से जोड़ता है। इसलिए यहां से गुजरने वाले वाहनों में स्थानीय यातायात के साथ लंबी दूरी के वाहन भी शामिल हैं।
दो दिनों से जारी जाम ने ऐसे यात्रियों की मुश्किल भी बढ़ा दी है, जिन्हें समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना था।
2 किलोमीटर की कतार, हर कोई पूछ रहा—कब खुलेगा रास्ता?
सैकड़ों वाहन और करीब 2 किलोमीटर लंबी कतार। सड़क पर खड़े वाहन चालकों की परेशानी अब साफ दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम को जल्द हटाने के लिए मौके पर पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। आखिर फंसे वाहनों को हटाने और यातायात को नियंत्रित करने में इतनी देरी क्यों हो रही है?
सबसे अहम सवाल यह भी है कि अगर इसी जाम में कोई एंबुलेंस या जरूरी सेवा का वाहन फंस गया तो क्या होगा?
जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अफसरों से लोग पूछ रहे सवाल
लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि 48 घंटे से मार्ग प्रभावित है, सैकड़ों वाहन फंसे हैं और वैकल्पिक रास्ता भी पूरी तरह राहत नहीं दे पा रहा है।ऐसे में स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर है। लोगों का कहना है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, रास्ता खुलने की जरूरत है।
लोगों की मांग—अब जल्द बहाल हो यातायात
राहगीरों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मौके पर व्यवस्था कर फंसे वाहनों को हटाया जाए, वैकल्पिक मार्ग को सुचारु किया जाए और पेंड्रा–बिलासपुर मार्ग पर यातायात बहाल कराया जाए।
फिलहाल दो दिन से जारी जाम के कारण सैकड़ों वाहन प्रभावित हैं।
48 घंटे से हाईवे पर रफ्तार थमी है, 2 किलोमीटर तक गाड़ियों की कतार है और वैकल्पिक रास्ता भी राहत नहीं दे पा रहा। अब लोगों का सवाल सिर्फ इतना है—आखिर रास्ता खुलेगा कब?

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