प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा का बिलासपुर दौरा: आदिवासी शिक्षा और छात्रावासों की व्यवस्था पर जताई चिंता

धरती आबा अभियान के कार्यों में तेजी के निर्देश, तखतपुर में बिना बोरिंग भुगतान और कोटा के छात्रावासों में अधीक्षकों की अनुपस्थिति पर जांच के निर्देश
बिलासपुर। आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणी बोरा ने बिलासपुर दौरे के दौरान विभागीय योजनाओं और आदिवासी विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की। बैठक में छात्रावासों की व्यवस्था, शिक्षा, निर्माण कार्य, छात्रवृत्ति सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
इस दौरान जिले में सामने आ रही समस्याओं को लेकर प्रमुख सचिव के सामने कई सवाल भी रखे गए।
वर्क ऑर्डर के चार महीने बाद भी अतिरिक्त कक्ष की नींव नहीं
धरती आबा अभियान के तहत स्वीकृत कार्यों को लेकर सवाल उठाया गया कि वर्क ऑर्डर जारी होने के करीब चार महीने बाद भी कुछ स्थानों पर अतिरिक्त कक्ष निर्माण की नींव तक नहीं रखी गई है। इस पर प्रमुख सचिव ने कहा कि कुछ कार्य शुरू हो चुके हैं और शेष कार्यों को भी गति दी जा रही है। सभी कार्यों को आगामी तीन से चार महीने में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिना बोरिंग भुगतान के मामले में जांच का भरोसा
तखतपुर के आदिवासी छात्रावास में बोरिंग का कार्य किए बिना ही भुगतान किए जाने का मामला भी प्रमुख सचिव के सामने रखा गया। राशि किसके निर्देश पर जारी की गई और बिना कार्य के भुगतान कैसे हुआ, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें मीडिया के माध्यम से मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
कोटा के छात्रावासों में अधीक्षकों की अनुपस्थिति पर होगी जांच – कोटा विकासखंड के छात्रावासों में अधीक्षकों की कथित अनुपस्थिति और बच्चों के चपरासी-रसोइयों के भरोसे रहने का मुद्दा भी प्रमुख सचिव के सामने उठाया गया। इस पर उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी मिली है और विभागीय अधिकारियों के माध्यम से जांच कराई जाएगी।
उन्होंने छात्रावासों में अधीक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बताया कि कुछ स्थानों पर शिक्षकों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ऐसे शिक्षक अपने मूल दायित्वों के साथ अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी का भी निर्वहन करेंगे।
छात्रवृत्ति समय पर देने के निर्देश
समीक्षा बैठक में आदिवासी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति समय पर उपलब्ध कराने तथा संस्था प्रमुखों की बैठक लेकर व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने पर जोर दिया।
मुंगेली स्थानांतरण के 11 दिन बाद बिलासपुर में अटैच हुए कनिष्ठ लेखा अधिकारी – इसी दौरान कनिष्ठ लेखा अधिकारी शिव नारायण के स्थानांतरण और अटैचमेंट को लेकर भी सवाल उठे। शिव नारायण का 15 सितंबर को मुंगेली स्थानांतरण किया गया था। इसके महज 11 दिन बाद 26 सितंबर को उन्हें बिलासपुर में अटैच कर दिया गया। स्थानांतरण के बाद इतनी कम अवधि में दोबारा बिलासपुर में अटैच किए जाने को लेकर सवाल पूछे जाने पर शिव नारायण ने कहा कि शासन के निर्देश पर प्रशासनिक आधार पर यह व्यवस्था की गई है। अब सवाल यह है कि मुंगेली स्थानांतरण के महज 11 दिन बाद उन्हें बिलासपुर में अटैच करने की आवश्यकता क्यों पड़ी और इसके पीछे प्रशासनिक कारण क्या रहे? इस संबंध में विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

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