Bilaspur Police Beat System:- बीट सिस्टम से गांवों में पुलिसिंग,मजबूत चुपचाप सुलझे हत्या,अपहरण और धोखाधड़ी के मामले,एसएसपी ने जवानों को किया सम्मानित

Bilaspur Police Beat System:-बिलासपुर में बीट सिस्टम अब कागजों से निकलकर जमीन पर असर दिखा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में दो आरक्षकों ने हत्या, अपहरण और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों को सुलझाया। इस उपलब्धि पर एसएसपी रजनेश सिंह ने दोनों आरक्षकों को सम्मानित किया।बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल भी मौजूद रहे और बीट ड्यूटी की अहमियत पर चर्चा हुई। बीट स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करने और दृश्यता बढ़ाने पर जोर दिया गया। गांवों में साइबर फ्रॉड, नशा और अपराध के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।वहीं वारंटियों की गिरफ्तारी और निगरानी बदमाशों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
Police Beat System:- बिलासपुर।ग्रामीण इलाकों में पुलिसिंग को लेकर अब तस्वीर बदलती दिख रही है। बीट सिस्टम अब सिर्फ फाइलों का हिस्सा नहीं रहा, बल्कि जमीन पर सक्रिय “ग्राउंड नेटवर्क” बनता जा रहा है। इसी सिस्टम के तहत दो आरक्षकों ने हत्या, अपहरण और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों को चुपचाप सुलझाकर विभाग में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके काम की सराहना करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने उन्हें सम्मानित किया।
आयोजित बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल भी मौजूद रहे। इस दौरान बीट ड्यूटी को और प्रभावी बनाने, पुलिस की दृश्यता बढ़ाने और ग्रामीण स्तर पर निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया गया।
कागज से निकलकर जमीन पर उतरा बीट सिस्टम
एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया कि बीट प्रभारी अब सिर्फ रजिस्टर संधारण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अपने–अपने क्षेत्रों में हर आपराधिक, सामाजिक और संदिग्ध गतिविधि पर लगातार नजर रखेंगे।
बीट स्तर पर पुलिस द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जनजागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं, जिनमें साइबर फ्रॉड, नशे के दुष्प्रभाव और अपराध से बचाव की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही गुंडा–बदमाशों की सूची का नियमित अद्यतन, निगरानी बदमाशों की चेकिंग और लंबे समय से फरार वारंटियों की गिरफ्तारी को भी प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस ने बीट रजिस्टर और सस्पेक्ट रजिस्टर को निगरानी का मजबूत आधार बनाते हुए भविष्य में संभावित अपराधों की रोकथाम की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
दो आरक्षकों की सक्रियता बनी मिसाल
मस्तूरी थाना के आरक्षक रेशम लाल टंडन ने अपनी बीट में 50 से अधिक प्रभावी कार्रवाई कर अपराधियों पर मजबूत पकड़ बनाई है। उनकी लगातार सक्रियता और फील्ड मॉनिटरिंग को विभाग में सराहना मिल रही है।
वहीं कोटा थाना के आरक्षक धर्मेंद्र साहू ने हत्या के दो, अपहरण के एक और धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई। उनकी सूझबूझ और मेहनत से कई गंभीर प्रकरणों का सफल निराकरण संभव हो सका।
अन्य बीट प्रभारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान
बीट सिस्टम को प्रभावी बनाने में अन्य आरक्षकों की भूमिका भी उल्लेखनीय रही है। मस्तूरी क्षेत्र के आरक्षक अरविंद कुर्रे, देव सहाय, विनंद बोसले, रोहित पाटले, राकेश भारद्वाज और सचिन तिवारी, तथा कोटा क्षेत्र के ज्वाला निस ने अपने–अपने बीट रजिस्टर में गांवों से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं का सटीक संधारण किया है।
इसके अलावा हीराधन साहनी और दिवाकर सिंह द्वारा सस्पेक्ट रजिस्टर का व्यवस्थित और सटीक रखरखाव किए जाने पर उन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

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