CG News: फर्जी दस्तावेजों के सहारे बना CRPF जवान, खुलासा होते ही नौकरी गई… अब पहुंचा जेल, जानिए कैसे खुला पूरा खेल

CG News: – देश की सुरक्षा करने वाली फोर्स में नौकरी… लेकिन आधार बना फर्जी दस्तावेज! छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी सिस्टम की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवक ने कथित तौर पर फर्जी स्थानीय निवास प्रमाण पत्र बनवाकर CRPF में नौकरी हासिल कर ली। सालों तक नौकरी करता रहा… लेकिन जैसे ही फर्जीवाड़े की परत खुली, नौकरी भी गई और अब जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया।
बलरामपुर। फर्जी निवास प्रमाण पत्र के जरिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में भर्ती हुए एक जवान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। आरोपी की पहचान सुमित सिंह पिता अचल सिंह के रूप में हुई है, जो जगदलपुर स्थित 204 कोबरा बटालियन में पदस्थ था। आरोप है कि उसने बलरामपुर जिले का कूटरचित स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र तैयार कर नौकरी हासिल की थी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने की शिकायत बलरामपुर तहसीलदार तक पहुंची। इसके बाद 28 अप्रैल 2026 को तहसीलदार ने बलरामपुर कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पढ़िए क्या है पूरा मामला?
शिकायत में बताया गया कि आरोपी सुमित सिंह ने ई–डिस्ट्रिक्ट पोर्टल का दुरुपयोग करते हुए दूसरे व्यक्ति विशाल सोनी के शैक्षणिक और अन्य दस्तावेजों में कूटरचना कर अपने नाम से स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र जारी करा लिया था।जांच में यह भी सामने आया कि इसी फर्जी निवास प्रमाण पत्र के आधार पर उसने पहले CRPF में आरक्षक पद पर भर्ती हासिल की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा, शासकीय रिकॉर्ड के दुरुपयोग और नियुक्ति प्रक्रिया में धोखाधड़ी की पुष्टि हुई। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
जगदलपुर से गिरफ्तारी, फिर भेजा गया जेल
गुरुवार को पुलिस टीम ने जगदलपुर स्थित 204 कोबरा बटालियन पहुंचकर आरोपी को विधिवत बर्खास्तगी के बाद अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में आरोपी ने फर्जी तरीके से बलरामपुर का निवास प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल करने की बात स्वीकार कर ली।
इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब इस मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और प्रक्रिया में सहयोग करने वाले अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
Live Cricket Info




