CG News: “SDM की तो…”; EE साहब का ऑडियो वायरल, ड्राइवर पर गालियों की बारिश… पांच महीने से वेतन बंद, अब सिस्टम की भाषा भी हुई बेनकाब

CG News: छत्तीसगढ़ से अफसरशाही का ऐसा ऑडियो सामने आया है, जिसने सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता और अधिकारियों की भाषा दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह और एक सरकारी ड्राइवर के बीच बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ऑडियो में कथित तौर पर EE साहब गुस्से में इतने बेकाबू हो गए कि गालियों की पूरी डिक्शनरी ही खोल बैठे।
ऑडियो वायरल अपडेट
Janjgir जांजगीर। एक तरफ सरकारी कर्मचारी पांच महीने से वेतन के लिए दफ्तर–दफ्तर भटक रहा है… दूसरी तरफ उसी कर्मचारी को फोन पर ऐसी भाषा सुनाई जा रही है, जिसे सभ्य समाज में दोहराना भी मुश्किल है। मामला अकलतरा एसडीएम कार्यालय और जलसंसाधन विभाग के बीच फंसे एक शासकीय चालक का है, जो अब विभागीय खींचतान का सबसे बड़ा शिकार बन गया है।
वायरल ऑडियो में ड्राइवर बार–बार “सर… सर…”
कहकर अपनी बात रखने की कोशिश करता सुनाई दे रहा है, लेकिन दूसरी ओर से कथित तौर पर गालियों की ऐसी बौछार हो रही है कि सुनने वाले भी दंग रह जाएं। चर्चा इस बात की भी है कि बातचीत के दौरान बड़े अधिकारियों और एसडीएम तक के लिए आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल किए गए।
दरअसल, पूरा मामला साल 2022 से जुड़ा है। जब अकलतरा में नया एसडीएम कार्यालय शुरू हुआ, तब तत्कालीन एसडीएम ममता यादव के वाहन संचालन के लिए जलसंसाधन विभाग नरियरा से चालक शशिकांत साहू को अटैच किया गया था। आदेश बाकायदा लिखित था… जिम्मेदारी भी तय थी… और यह भी साफ था कि चालक का वेतन जलसंसाधन विभाग ही देगा।
कुछ साल तक सब ठीक चला। फिर अचानक विभाग ने चालक को वापस बुलाने का दबाव शुरू कर दिया। चालक का कहना है कि वह लौटने को तैयार है, लेकिन पहले एसडीएम कार्यालय से विधिवत कार्यमुक्त किया जाए। बस… यहीं से फाइलों का खेल शुरू हो गया। न विभाग फैसला ले पाया, न समन्वय बन पाया… और बीच में पिस गया एक कर्मचारी।
हालात ऐसे हो गए कि पिछले पांच महीनों से चालक का वेतन ही रोक दिया गया। परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। लेकिन सिस्टम के पास समाधान नहीं… सिर्फ आदेश, दबाव और अब वायरल ऑडियो बचा है।
महिला कर्मचारी से विवाद के बाद भड़के EE
बताया जा रहा है कि कार्यपालन अभियंता की नाराजगी की वजह एक पुराना विवाद था। आरोप है कि चालक ने विभाग की एक महिला अधिकारी और कर्मचारी से अभद्र व्यवहार किया था। इसी मुद्दे पर EE ने चालक को फोन किया। बातचीत के दौरान चालक ने सफाई देते हुए कहा कि उसने संबंधित मैडम से माफी मांग ली है, लेकिन मामला शांत होने के बजाय और गरमा गया।
इसी दौरान ड्राइवर ने कथित तौर पर पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली। अब वही ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल है और विभाग की किरकिरी करा रहा है।
ऑडियो वायरल… कलेक्टर ने तुरंत लिया संज्ञान
मामला सोशल मीडिया में फैलते ही जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने वायरल ऑडियो को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। अपर कलेक्टर को पूरे मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन बड़ा सवाल अब भी वही है…
क्या सरकारी सिस्टम में एक कर्मचारी की इज्जत सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गई है?
और अगर अफसर ही भाषा की मर्यादा भूल जाएं… तो फिर अनुशासन का पाठ आखिर कौन पढ़ाएगा?
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