CG News: बैंक के अंदर ही “खाता रैकेट” चलाने पहुंचा युवक, ग्राहकों को दे रहा था कमीशन का लालच—साइबर गिरोह का पर्दाफाश

CG News:– साइबर ठगी के लिए अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का खेल अब सीधे बैंक के अंदर तक पहुंच गया। बिलासपुर में एक युवक खुद बैंक शाखा में घुसकर ग्राहकों से उनके खाते “किराए” पर लेने की कोशिश कर रहा था, ताकि उन खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड की रकम ट्रांसफर करने में किया जा सके। पुलिस ने सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
Bilaspur बिलासपुर। मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है, जहां व्यापार विहार स्थित स्टेट बैंक शाखा में 13 मई को एक संदिग्ध युवक ग्राहकों से संपर्क करता पाया गया। वह लोगों को बैंक खाता और बैंकिंग डिटेल देने के बदले कमीशन का लालच दे रहा था। उद्देश्य साफ था—इन खातों को आगे साइबर अपराधियों तक पहुंचाकर अवैध लेनदेन में इस्तेमाल करना।
मुखबिर से सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल और सीएसपी गगन कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बैंक में दबिश देकर युवक को पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान दीपेश कुमार गुप्ता (21 वर्ष), निवासी ग्राम सिरसी, थाना बसदई, जिला सूरजपुर के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों से बैंक खाते और बैंकिंग जानकारी लेकर उन्हें अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराता था और इसके बदले उसे कमीशन मिलता था।
मोबाइल फोन से खुला बड़ा नेटवर्क—
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसमें विभिन्न बैंकों के खातों से संबंधित डेटा और कई संदिग्ध संपर्क नंबर मिले हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी किसी बड़े म्यूल अकाउंट सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल डेटा के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ऐसे म्यूल अकाउंट नेटवर्क का इस्तेमाल साइबर ठग रकम को अलग–अलग खातों में ट्रांसफर कर तुरंत निकालने के लिए करते हैं, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है।
पुलिस ने की सख्त अपील—
बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल नंबर या इंटरनेट बैंकिंग जैसी जानकारी किसी को भी कमीशन या लालच के बदले न दें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और इसमें शामिल व्यक्तियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि थोड़ी सी लापरवाही भी व्यक्ति को बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा बना सकती है।
Live Cricket Info
