CG Crime News:- IPL सट्टे की काली कमाई का कनेक्शन… 1 करोड़ से ज्यादा कैश, हवाला नेटवर्क और ब्लैक मनी का बड़ा खेल उजागर

CG Crime News: पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे और हवाला नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों के संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सट्टे की काली कमाई को हवाला के जरिए व्हाइट करने वाले नेटवर्क पर दबिश देकर 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, मोबाइल फोन और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले में करन चौधरी, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया है।

रायगढ़। आईपीएल मैच… ऑनलाइन सट्टा… हवाला… और करोड़ों की ब्लैक मनी। रायगढ़ में पुलिस ने जिस नेटवर्क का खुलासा किया है, उसने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा अब सिर्फ मोबाइल स्क्रीन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके पीछे संगठित आर्थिक अपराध का बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था।
रायगढ़ पुलिस की जांच में सामने आया है कि जिले में संचालित ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन किया जा रहा था। सट्टे से आने वाली रकम को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय उसे अलग-अलग कारोबारियों, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य चैनलों के जरिए घुमाकर हवाला नेटवर्क के माध्यम से व्हाइट किया जा रहा था।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर सेल, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने इस पूरे सिंडिकेट की परत-दर-परत जांच की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों — करन चौधरी, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया।
26 अप्रैल की रेड से खुली पूरी काली किताब
दरअसल, 26 अप्रैल को पुलिस ने रायगढ़ और घरघोड़ा इलाके में एक साथ दबिश देकर ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क से जुड़े छह आरोपियों को पकड़ा था। उस समय आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और नगदी बरामद हुई थी। पूछताछ में सामने आया कि पूरा नेटवर्क रायगढ़ के खाईवाल करन चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार के इशारे पर चल रहा था। इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल इनपुट, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रेल और फाइनेंशियल एनालिसिस के जरिए जांच को आगे बढ़ाया। जांच में खुलासा हुआ कि करन चौधरी का नेटवर्क रायगढ़ से लेकर सक्ती, रायपुर, बिलासपुर और दिल्ली तक फैला हुआ था।
पेट्रोल पंप, कारोबार और हवाला से घूम रही थी रकम
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सट्टे से आने वाली रकम को सीधे बैंक खातों में रखने के बजाय परिचित कारोबारियों और व्यापारिक चैनलों में खपाया जाता था। बाद में यही पैसा हवाला के जरिए दूसरी जगह ट्रांसफर किया जाता था। पूछताछ में कृष्ण प्राइड टावर में रहने वाले पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील अग्रवाल का नाम सामने आया। पुलिस के मुताबिक दोनों ब्लैक मनी को हवाला चैनल के जरिए व्हाइट करने का काम कर रहे थे।
पुलिस ने फ्लैट में छापेमारी कर सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन बरामद किया। वहीं पुष्कर अग्रवाल के पास से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल जब्त किए गए। इससे पहले करन चौधरी के कब्जे से भी नगदी और मोबाइल फोन बरामद हुए थे।
इलेक्ट्रॉनिक डेटा, चैट रिकॉर्ड, यूपीआई ट्रांजेक्शन और वित्तीय दस्तावेजों के विश्लेषण में साफ हुआ कि यह सिर्फ सट्टेबाजी नहीं, बल्कि संगठित आर्थिक अपराध का बड़ा नेटवर्क था।
कर्मचारियों और परिचितों के खातों से चलता था खेल
जांच में यह भी पता चला कि आरोपी खुद के बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर का कम इस्तेमाल करते थे। जांच एजेंसियों से बचने के लिए कर्मचारियों, परिचितों और सहयोगियों के खातों और मोबाइल नंबरों के जरिए लेनदेन किया जाता था।
करन चौधरी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक करन चौधरी के खिलाफ पहले से जुआ-सट्टा के चार मामले दर्ज हैं। इसके अलावा मारपीट, रंगदारी, आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करना, अपहरण और अन्य गंभीर अपराधों में भी उसका नाम सामने आ चुका है। उस पर पहले प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई भी हो चुकी है। लगातार आपराधिक गतिविधियों और संगठित तरीके से आर्थिक अपराध संचालित करने के पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (संगठित अपराध) भी जोड़ी गई है।
फरार है गुड्डा सरदार
मामले में जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक वह इस पूरे सिंडिकेट की अहम कड़ी है और सक्ती, खरसिया, रायगढ़ व रायपुर में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क ऑपरेट करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
SSP शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ कहा है कि रायगढ़ में सट्टा, हवाला, ब्लैक मनी और संगठित अपराध से जुड़े किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा —
“ऑनलाइन सट्टे और आर्थिक अपराधों के जरिए युवाओं और समाज को खोखला करने वालों पर रायगढ़ पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई करेगी। चाहे नेटवर्क कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है।”
गिरफ्तार आरोपी
* करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल, निवासी रायगढ़
* पुष्कर अग्रवाल, निवासी कृष्ण प्राइड टावर, रायगढ़
* सुनील कुमार अग्रवाल, निवासी कृष्ण प्राइड टावर, रायगढ़
जब्त सामग्री
* ₹1,02,81,300 नकद
* नोट गिनने की मशीन
* 4 मोबाइल फोन
* अन्य वित्तीय दस्तावेज
* कुल जब्ती लगभग ₹1,03,86,300
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