अपराधछत्तीसगढ़देश - विदेशबिलासपुरराज्य एवं शहर

CG News: वायरल VIDEO से मचा बवाल,आरक्षक और पत्रकारों पर FIR; SSP बोले— जल्दबाजी नहीं, हर साक्ष्य की पड़ताल के बाद सच सामने आएगा

CG News:- वायरल वीडियो और ऑडियो के आधार पर आरक्षक व पत्रकारों समेत चार लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। कार्रवाई पर उठे सवालों के बीच एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है तथा सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन पड़ताल के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

बिलासपुर। एक आरक्षक का कथित वीडियो और ऑडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। मामले में पुलिस ने एक आरक्षक और दो पत्रकारों समेत चार लोगों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया है। हालांकि कार्रवाई के बाद पुलिस पर पक्षपात बरतने के आरोप भी लगने लगे हैं। इस बीच पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वायरल हुए वीडियो और ऑडियो में जिनजिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उन्हें एफआईआर में शामिल किया गया है और जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में आरोप लगाया गया कि एक आरक्षक शराब के नशे में सोया हुआ है। वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई। इसी बीच एक कथित ऑडियो क्लिप भी सामने आई, जिसमें संबंधित आरक्षक से मामला दबाने के एवज में एक लाख रुपये की मांग किए जाने की बात कही गई। प्रारंभिक जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस ने एक आरक्षक रितेश मिश्रा, दो पत्रकारों अनुज श्रीवास्तव, जिया खान समेत कुल चार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद कुछ लोगों ने पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। आरोप है कि पत्रकारों के खिलाफ गलत तरीके से कार्रवाई की गई। इन आरोपों पर पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो और ऑडियो में जिन व्यक्तियों की भूमिका सामने आई है, उन सभी को एफआईआर में नामजद किया गया है। पुलिस विभाग से जुड़े आरक्षक को भी आरोपी बनाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जांच में किसी प्रकार का पक्षपात नहीं किया गया है।

  पशु ढोने वाले वाहन में नेताओं के कटआउट परिवहन का हुआ विरोध — निगम आयुक्त ने तीन अफसरों को थमाया नोटिस,

एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया गया है कि मामले में किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई से पहले सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन एवं निष्पक्ष जांच की जाएगी। साथ ही, जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रेस क्लब के दो अधिकृत वरिष्ठ सदस्यों को भी जांच के विभिन्न पहलुओं से समयसमय पर अवगत कराया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि मामला अभी जांच के दायरे में है। तकनीकी साक्ष्यों के साथ अन्य पहलुओं की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचें और अफवाहों से बचें।

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

Kanha Tiwari

छत्तीसगढ़ के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से लोक जन-आवाज को सशक्त बनाते हुए पत्रकारिता की अगुआई की है।

Related Articles

Back to top button