CG News:-जांजगीर कलेक्ट्रेट में “छुट्टी” बना बवाल, महिला सैनिक की शिकायत से मचा हड़कंपअवकाश मांग पर कथित प्रताड़ना के आरोप, कॉलआउट प्रभारी सवालों के घेरे में तीन दिन की छुट्टी ने खोल दी सिस्टम की पोल— दफ्तर में कहाँ है संवेदना?

CG News:-जांजगीर कलेक्ट्रेट में “छुट्टी” बना बवाल, महिला सैनिक की शिकायत से मचा हड़कंपअवकाश मांग पर कथित प्रताड़ना के आरोप, कॉलआउट प्रभारी सवालों के घेरे में तीन दिन की छुट्टी ने खोल दी सिस्टम की पोल— दफ्तर में कहाँ है संवेदना?
CG News: जांजगीर-चांपा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला सैनिक कार्यालय में तैनात एक महिला सैनिक की शिकायत ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला सैनिक ने कार्यालय के कॉलआउट प्रभारी राजेश तिवारी पर मानसिक प्रताड़ना, अवकाश में अड़चन डालने और संवेदनहीन व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला सैनिक ने कलेक्टर को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जांजगीर-चांपा। मामला सिर्फ तीन दिन की छुट्टी का नहीं है, बल्कि सवाल उस व्यवस्था पर है जहां एक कर्मचारी अपने पारिवारिक संकट के बीच मदद की उम्मीद लेकर पहुंचती है और आरोप है कि उसे राहत के बजाय दबाव और परेशानी का सामना करना पड़ता है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, फिर भी छुट्टी को लेकर खींचतान?
महिला सैनिक ने अपनी शिकायत में बताया कि वह कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला सैनिक कार्यालय में पदस्थ है। पारिवारिक मजबूरियों के चलते उसने 10 जून से 12 जून 2026 तक तीन दिनों के अवकाश के लिए आवेदन किया था।
शिकायत के मुताबिक, उसने इसकी जानकारी कार्यालय के कॉलआउट प्रभारी राजेश तिवारी को भी दी थी। लेकिन बाद में उसे फोन कर बताया गया कि उसका अवकाश निरस्त कर दिया गया है।
महिला सैनिक ने आवेदन में लिखा है कि उसके माता-पिता बुजुर्ग हैं और उसके भाई का निधन हो चुका है। ऐसे कठिन समय में परिवार के बीच रहना उसके लिए जरूरी था।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसी परिस्थिति में मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता नहीं मिलनी चाहिए थी?
महिला सैनिक का आरोप- समस्या बताई, फिर भी नहीं मिला सहयोग
शिकायत में महिला सैनिक ने आरोप लगाया है कि उसने अपनी पारिवारिक परेशानियों से कार्यालय के जिम्मेदार कर्मचारी को अवगत कराया, लेकिन उसकी स्थिति को समझने के बजाय उस पर दबाव बनाया गया।
उसका आरोप है कि कॉलआउट प्रभारी राजेश तिवारी के व्यवहार से वह मानसिक रूप से परेशान हुई।
महिला सैनिक ने इसे अमानवीय बताते हुए कहा कि एक कर्मचारी के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
कलेक्टर के दरबार पहुंची शिकायत, अब जांच का इंतजार
महिला सैनिक ने कलेक्टर जांजगीर-चांपा को लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उसने कॉलआउट प्रभारी राजेश तिवारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा और थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जांजगीर को भी भेजी गई है।
सवालों के घेरे में कार्यालय की कार्यप्रणाली
इस शिकायत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं—
क्या सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की पारिवारिक परिस्थितियों को गंभीरता से लिया जा रहा है?
क्या अवकाश जैसे मामलों में नियमों के साथ मानवीय पहलू को भी देखा गया?
और सबसे बड़ा सवाल—क्या शिकायत के बाद जिम्मेदार अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करेंगे?
फिलहाल जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
जिला सेनानी से पक्ष जानने की कोशिश, नहीं मिला जवाब
मामले में विभागीय पक्ष जानने के लिए नगर सेना जांजगीर की जिला सेनानी योग्यता साहू से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया।
अब मामला कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच चुका है। ऐसे में देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के बाद क्या कदम उठाता है।
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