कोरबा में 44 लाख के गबन पर बड़ा एक्शन, पूर्व सरपंच-सचिव और ठेकेदार जेल भेजे गए…?

Chhattisgarh News: Korba, 26 मई 2026। कोरबा जिले में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी राशि के गबन के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत माखनपुर में निर्माण कार्यों के लिए जारी लाखों रुपये की राशि निकाल लेने के बावजूद काम शुरू नहीं किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्कालीन सरपंच, सचिव और ठेकेदार को जेल भेज दिया है। साथ ही आरोपियों से लाखों रुपये की वसूली के आदेश भी जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में ग्राम पंचायत माखनपुर को विभिन्न विकास कार्यों के लिए जिला प्रशासन द्वारा बड़ी राशि स्वीकृत की गई थी। इनमें स्वामी आत्मानंद विद्यालय माखनपुर में कंप्यूटर कक्ष एवं पुस्तकालय निर्माण के लिए 49.99 लाख रुपये, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शौचालय निर्माण के लिए 25.45 लाख रुपये तथा विद्यालय भवन विस्तार कार्य के लिए 36.20 लाख रुपये मंजूर किए गए थे।
हालांकि, राशि आबंटित होने के लंबे समय बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने की शिकायत मिलने पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जांच के निर्देश दिए। जांच में खुलासा हुआ कि संबंधित निर्माण कार्यों के नाम पर ग्राम पंचायत के तत्कालीन जनप्रतिनिधियों और ठेकेदार ने मिलीभगत कर लाखों रुपये आहरित कर लिए, जबकि मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं पाया गया।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक कंप्यूटर कक्ष और पुस्तकालय निर्माण के नाम पर 19 लाख 99 हजार 600 रुपये, शौचालय निर्माण के लिए 10 लाख 18 हजार रुपये तथा भवन विस्तार कार्य के लिए 14 लाख 48 हजार रुपये निकाले गए। इस प्रकार कुल 44 लाख 65 हजार 600 रुपये की राशि का गबन सामने आया।
मामले में शिकायत और जांच के बाद पाली एसडीएम रोहित सिंह ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत प्रकरण दर्ज कर सुनवाई की। जांच के दौरान तत्कालीन सरपंच मनोज कुमार पोर्ते, तत्कालीन सचिव धीरसाय तथा ठेकेदार मुजम्मिल अली रिजवी की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
प्रशासन ने तीनों आरोपियों के खिलाफ शासकीय राशि के दुरुपयोग के प्रमाण मिलने पर कुल 44.65 लाख रुपये की वसूली योग्य राशि निर्धारित की है। इसके तहत एक-तिहाई यानी 14 लाख 88 हजार 533 रुपये की वसूली वेतन और अन्य भत्तों से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा एसडीएम पाली ने तीनों आरोपियों को तीन दिन तक सिविल जेल में परिरुद्ध करने का आदेश भी जारी किया है। जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद सरकारी निर्माण कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि शासकीय राशि से होने वाले निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ सरकारी राशि की वसूली भी सुनिश्चित की जाएगी।
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