CG Crime News: जिला न्यायालय में फर्जी वकील गिरफ्तार, कई आधार कार्ड और आईडी बरामद; 5 साथी फरार, गिरोह की तलाश में पुलिस

रायपुर। राजधानी रायपुर के जिला न्यायालय परिसर में शुक्रवार को एक कथित फर्जी वकील पकड़ा गया। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं की सतर्कता से आरोपी की पहचान हुई, जिसके बाद उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। शुरुआती जांच में आरोपी के पास से कई संदिग्ध दस्तावेज मिलने के बाद पूरे मामले में संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।
कोर्ट परिसर में वकील बनकर घूम रहा था आरोपी, नाम पूछने पर खुली पोल
जानकारी के मुताबिक जिला न्यायालय परिसर में एक व्यक्ति खुद को अधिवक्ता बताकर लोगों से संपर्क कर रहा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने उससे पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान आरोपी अपनी पहचान को लेकर अलग-अलग जवाब देने लगा। कभी उसने अपना नाम हरीश डहरिया बताया तो कभी मनीष कुर्रे के नाम से पहचान देने लगा। बार-बार नाम बदलने से अधिवक्ताओं को शक हुआ और मामले की जानकारी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को दी गई।
आरोपी के पास मिले कई आधार कार्ड, पहचान पत्रों ने बढ़ाया शक
बताया जा रहा है कि आरोपी के कब्जे से 4 से 5 संदिग्ध आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों की वास्तविकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब इन सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी किसी व्यक्ति का न्यायालय संबंधी काम कराने के नाम पर कोर्ट पहुंचा था। जब उसका काम नहीं हो पाया तो संबंधित व्यक्ति ने कोर्ट परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान अधिवक्ताओं का ध्यान आरोपी की गतिविधियों पर गया और पूरा मामला सामने आया।
बार एसोसिएशन ने पकड़ा, पुलिस को सौंपा
जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ करने के बाद उसे सिविल लाइन थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
फर्जी वकीलों का नेटवर्क? 5 साथी फरार, तलाश जारी
पुलिस को आशंका है कि इस मामले में अकेला आरोपी शामिल नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरा गिरोह काम कर सकता है। जानकारी के अनुसार आरोपी के साथ जुड़े 5 अन्य सदस्य फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कितने समय से न्यायालय परिसर में सक्रिय था, उसने कितने लोगों से संपर्क किया और क्या किसी को ठगी या धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया है।
फिलहाल सिविल लाइन थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।
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