CG News: रेत कार्रवाई के बाद किसान ने उठाया खौफनाक कदम, ट्रैक्टर जब्ती और रिश्वत मांगने से आहत होकर खाया जहर

CG News: छत्तीसगढ़ में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर चल रही कार्रवाई के बीच एक और चिंताजनक मामला सामने आया है। बलौदाबाजार जिले में एक किसान ने कथित रूप से प्रशासनिक कार्रवाई और रिश्वत मांगने के आरोपों से परेशान होकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। किसान ने नायब तहसीलदार पर ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में बड़ी रकम मांगने का आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में चर्चा और नाराजगी का माहौल है।
बलौदाबाजार। प्रदेश में रेत को लेकर जारी सख्ती के बीच बलौदाबाजार जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, महानदी क्षेत्र से रेत लेकर लौट रहे एक किसान का ट्रैक्टर प्रशासनिक टीम ने जब्त कर लिया। किसान का आरोप है कि ट्रैक्टर को मुक्त करने के लिए उससे 50 हजार रुपये की मांग की गई थी।
ट्रैक्टर जब्त होने के बाद बढ़ी परेशानी
पीड़ित किसान का कहना है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है और इतनी बड़ी राशि देने की स्थिति में नहीं था। आरोप है कि रकम नहीं देने पर ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया और थाने में खड़ा करा दिया गया। किसान के मुताबिक इसी घटनाक्रम से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गया।
बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर जब्ती और कथित रिश्वत मांगने के दबाव के चलते किसान ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल उपचार के लिए कसडोल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे। मामले को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
अस्पताल पहुंचे विधायक, जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए कसडोल विधायक संदीप साहू भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित किसान से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। विधायक ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा
इधर मामले पर एसडीएम रामरतन दुबे ने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार रेत के उत्खनन और परिवहन पर प्रतिबंध लागू है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संबंधित किसान के पास रेत परिवहन अथवा उत्खनन से जुड़ा कोई वैध अनुमति पत्र नहीं था, जिसके चलते ट्रैक्टर की जब्ती की कार्रवाई की गई और वाहन को थाने में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि किसान द्वारा लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रेत कार्रवाई के बीच बढ़ी संवेदनशीलता
प्रदेश में रेत को लेकर चल रही सख्ती के बीच सामने आई यह घटना प्रशासनिक कार्रवाई और आम नागरिकों पर उसके प्रभाव को लेकर नई बहस छेड़ सकती है। फिलहाल सभी की नजर जांच पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किसान द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
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