गिरफ्तारी वारंट की तामील में लापरवाही, निरीक्षक अभय सिंह बैस निलंबित एसएसपी रजनेश सिंह की कार्रवाई, समय पर प्रतिवेदन पेश नहीं करने पर आदेश जारी

बिलासपुर। गिरफ्तारी वारंट की तामील और उससे संबंधित पालन प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत नहीं किए जाने के मामले में एसएसपी रजनेश सिंह ने निरीक्षक अभय सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस विभाग की प्रक्रियाओं के पालन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए की गई है।

एसएसपी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार प्रथम व्यवहार न्यायालय कैमूर (भभुआ), बिहार के एक प्रकरण में धारा 144(3) बीएनएसएस के तहत यदुनंदन नगर निवासी अभियुक्त मोहम्मद आरिफ खान के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इस वारंट की तामील कर उसकी जानकारी और यदि वारंट की तामील नहीं हो सके तो उसकी अदम तामीली संबंधी रिपोर्ट निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुलिस मुख्यालय रायपुर के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक समय पर पहुंचाना आवश्यक था। बताया गया कि पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन तय समय सीमा के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे थाना प्रभारी स्तर पर दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना गया। मामले की समीक्षा के बाद एसएसपी ने तत्कालीन थाना प्रभारी सिरगिट्टी निरीक्षक अभय सिंह बैस के निलंबन के आदेश जारी कर दिए। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब निरीक्षक अभय सिंह बैस पहले से ही एक संवेदनशील मामले को लेकर चर्चा में रहे हैं। विभागीय स्तर पर इसे जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वारंट तामील में क्या रही चूक
प्रथम व्यवहार न्यायालय कैमूर (भभुआ), बिहार से जारी गिरफ्तारी वारंट की तामील और उससे संबंधित पालन प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत नहीं किया गया। पुलिस मुख्यालय रायपुर ने इस संबंध में पूर्व में ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। निर्देशों के अनुसार वारंट की तामील होने या न होने की स्थिति में संबंधित रिपोर्ट तय समय के भीतर भेजना अनिवार्य था। विभागीय जांच में पाया गया कि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और प्रतिवेदन लंबित रहा। इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए एसएसपी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की। अधिकारियों का मानना है कि न्यायालय और पुलिस मुख्यालय से जुड़े मामलों में समयबद्ध कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और किसी भी स्तर पर देरी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
पहले भी कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं अभय बैस
निरीक्षक अभय सिंह बैस की पोस्टिंग के दौरान सिरगिट्टी क्षेत्र में सात वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया था। मामले में जांच अधिकारी के रूप में कार्य कर रहीं एसआई संतोषी अग्रवाल पर जांच में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे थे। आरोप यह भी रहा कि तत्कालीन थाना प्रभारी के स्तर पर भी अपेक्षित निगरानी और कार्रवाई नहीं की गई। मामले को गंभीर मानते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने जांच अधिकारी और तत्कालीन थाना प्रभारी को लाइन अटैच किया था। अब गिरफ्तारी वारंट की तामील और पालन प्रतिवेदन में लापरवाही सामने आने के बाद अभय सिंह बैस के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
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