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CG News: अमाली में कोल वाशरी को लेकर बवाल, ग्रामीणों ने जताया विरोध… बोले- जबरन खुली तो हाईकोर्ट जाएंगे

CG News: कोटा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत अमाली में प्रस्तावित कोल वाशरी को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। जनसुनवाई के दौरान अमाली सहित आसपास के प्रभावित गांवों के लोगों ने एकजुट होकर कोल वाशरी खोलने का विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी सहमति के बिना परियोजना आगे बढ़ाई जा रही है।

बिलासपुर। ग्राम पंचायत अमाली में मेसर्स विराज अर्थ फ्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा कोल वाशरी स्थापित की जा रही है। इसी को लेकर आयोजित जनसुनवाई में अमाली, बिलिबंद, खुरदुर, नवागांव और सलका सहित आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और परियोजना का विरोध किया।

ग्राम पंचायत अमाली के सरपंच मोनू सिंह, उपसरपंच श्याम यादव और पंचों ने भी एक स्वर में कोल वाशरी का विरोध करते हुए ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया।

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जनसुनवाई स्थल को लेकर उठे सवाल

पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी करते हुए जनसुनवाई का आयोजन कंपनी की निजी भूमि पर किया गया, जबकि नियमानुसार जनसुनवाई शासकीय स्थान पर होनी चाहिए थी।

शुक्ला ने कहा कि प्रस्तावित कोल वाशरी के आसपास शासकीय महाविद्यालय संचालित है। इसके अलावा अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र भी नजदीक है, ऐसे में पर्यावरण और स्थानीय प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

पेसा एक्ट का हवाला, ग्राम सभा की सहमति का मुद्दा

संदीप शुक्ला ने कहा कि क्षेत्र में पेसा एक्ट लागू होने के बाद ग्राम सभा की सहमति जरूरी है, लेकिन अभी तक ग्राम सभा से संबंधित प्रस्ताव नहीं लिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रभावित ग्रामीणों की सहमति के बिना किसी भी परियोजना को आगे बढ़ाना नियमों के खिलाफ है।

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बाहर से लोगों को बुलाने का आरोप

ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि कोल वाशरी संचालक द्वारा बाहर से लोगों को बुलाकर जनसुनवाई में समर्थन करवाने का प्रयास किया गया।

संदीप शुक्ला ने आरोप लगाया कि अंबिकापुर और कोरबा क्षेत्र से लोगों को लाकर जनसुनवाई में शामिल कराया गया, जबकि नियमानुसार प्रभावित क्षेत्र के लोगों की राय ही महत्वपूर्ण होनी चाहिए।

पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल

जनसुनवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए। आरोप लगाया गया कि प्रभावित ग्रामीणों के आधार कार्ड की जांच की जा रही थी, जबकि बाहर से आए लोगों को अंदर आने दिया गया।

ग्रामीणों ने इसे लेकर नाराजगी जताई और निष्पक्ष प्रक्रिया की मांग की।

विरोध के बाद भी खुली वाशरी तो हाईकोर्ट जाएंगे

पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि यदि व्यापक विरोध के बावजूद कोल वाशरी शुरू की जाती है तो इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।

उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के हित, पर्यावरण और नियमों को ध्यान में रखते हुए ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।

विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

कोल वाशरी के विरोध में जिला पंचायत सदस्य रजनी मरकाम, जिला पंचायत सदस्य राजेश्वरी प्रभु जगत, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष आदित्य दीक्षित, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरुण त्रिवेदी, संतोष गुप्ता, कुलवंत सिंह, अफजल खान, कमलू कश्यप, पार्षद कान्हा गुप्ता, एनएसयूआई सचिव लकी मिश्रा, पूर्व सरपंच कपूर भानु, पूर्व सरपंच सूर्यभान तंवर, हैप्पी गुप्ता, प्रशांत गुप्ता, महिला कांग्रेस अध्यक्ष वीणा मसीह, पूर्व अध्यक्ष माया मिश्रा, आशीष मिश्रा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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Kanha Tiwari

छत्तीसगढ़ के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से लोक जन-आवाज को सशक्त बनाते हुए पत्रकारिता की अगुआई की है।

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