CG News:- शिकायत से नहीं सुलझी आवारा मवेशियों की समस्या तो ग्रामीणों ने पकड़कर कलेक्ट्रेट पहुंचा दिए पशु, परिसर में लगा ‘पशु दरबार’

CG News:- सरगुजा में आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने गुरुवार को ऐसा विरोध किया कि कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले अधिकारी-कर्मचारी भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए। शहर से लगे परसा गांव के ग्रामीण सड़क पर घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़कर सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए। देखते ही देखते कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने मवेशियों का झुंड खड़ा हो गया और परिसर में मानो ‘पशु दरबार’ लग गया। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, इसलिए इस बार उन्होंने समस्या को ही प्रशासन के दरवाजे तक पहुंचाने का फैसला किया।
सड़कों पर मवेशियों का कब्जा, हादसे का खतरा
अंबिकापुर। ग्रामीणों के मुताबिक परसा गांव और आसपास की सड़कों पर बड़ी संख्या में मवेशी दिन-रात खुले घूमते रहते हैं। आरोप है कि कई पशुपालक अपने मवेशियों को घर या सुरक्षित स्थान पर रखने के बजाय सड़कों पर छोड़ देते हैं।
इससे एक तरफ यातायात प्रभावित हो रहा है तो दूसरी तरफ राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। सड़क पर कभी मवेशी बैठे नजर आते हैं तो कभी अचानक दौड़ पड़ते हैं।
रात में सबसे ज्यादा खतरा
ग्राम पंचायत परसा पोया के पूर्व सरपंच मनोज सिंह का कहना है कि सड़क पर बैठे या अचानक दौड़ते मवेशियों के कारण कई बार वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होते-होते बचे हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में सड़क पर बैठे मवेशी आसानी से दिखाई नहीं देते।
ग्रामीण राम सिंह का आरोप है कि आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस बार शिकायत नहीं, मवेशियों को ही लेकर पहुंच गए कलेक्ट्रेट
लगातार शिकायतों के बाद भी जब समस्या बनी रही तो ग्रामीणों ने इस बार विरोध का अलग तरीका चुना। उन्होंने सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को पकड़ा और उन्हें लेकर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने अचानक बड़ी संख्या में मवेशियों के पहुंचने से वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी कुछ देर के लिए सकते में नजर आए। देखते ही देखते परिसर के बाहर मवेशियों का झुंड जमा हो गया और लोगों के बीच यह अनोखा प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया।
ग्रामीणों की मांग—मवेशियों के लिए हो स्थायी व्यवस्था
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा मवेशियों के लिए उचित आश्रय, चारा और पानी की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही ऐसे पशुपालकों की पहचान करने की मांग की गई है, जो अपने मवेशियों को जानबूझकर सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं।
ग्रामीणों ने ऐसे पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है, ताकि सड़क पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
ग्रामीण बोले—समस्या का स्थायी समाधान जरूरी
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक आवारा मवेशियों के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं होगी, तब तक सड़कों पर हादसों का खतरा बना रहेगा। सिर्फ शिकायत दर्ज करने या कुछ समय के लिए मवेशियों को हटाने से समस्या खत्म नहीं होगी।
इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने प्रशासन को अपनी परेशानी सीधे दिखाने का फैसला किया।
कलेक्ट्रेट के सामने मवेशियों को खड़ा कर ग्रामीणों का यह अनोखा विरोध अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल भी यही है—जब शिकायतों से समस्या नहीं सुलझी तो क्या कलेक्ट्रेट तक पहुंचे ये मवेशी अब प्रशासन को स्थायी समाधान की राह दिखाएंगे?

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