CG News:- साइकिल बांटने से पहले गुणवत्ता जांचना भूले अफसर! DEO-BEO और प्राचार्य को नोटिस, कलेक्टर ने मांगा 2 दिन में जवाब

CG News:- छात्राओं को बांटी जा रही सरस्वती साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद कलेक्टर संजय चंदन त्रिपाठी ने सख्ती दिखाई है। सेजेस जराहडीह में साइकिल वितरण के दौरान गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आने पर DEO, BEO और प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सवाल सीधा है—जब साइकिलें बांटी जा रही थीं तो गुणवत्ता की जांच पहले क्यों नहीं हुई? अधिकारियों को दो दिन में जवाब देना होगा, संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।
बलरामपुर।बलरामपुर में सरस्वती साइकिल योजना के तहत बांटी जा रही साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है। सेजेस जराहडीह में साइकिल वितरण के दौरान गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद DEO, BEO और प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर संजय चंदन त्रिपाठी ने दो दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधितों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
साइकिल वितरण से पहले जांच क्यों नहीं हुई?
कलेक्टर ने जिले के स्कूलों में सरस्वती साइकिल योजना के तहत वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सवाल यह है कि जब छात्राओं को साइकिल बांटी जा रही थी, तब उसकी गुणवत्ता की जांच पहले क्यों नहीं की गई?
सेजेस जराहडीह में वितरण के दौरान गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।
DEO-BEO और प्राचार्य से मांगा जवाब
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और संबंधित प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे पूछा गया है कि साइकिल वितरण से पहले उनकी गुणवत्ता की जांच और सुनिश्चितता क्यों नहीं की गई।संबंधित अधिकारियों को दो दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जवाब संतोषजनक नहीं तो होगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर संजय चंदन त्रिपाठी ने जिले की सभी स्कूलों में साइकिल वितरण के दौरान गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने और छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण साइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
अब देखना होगा कि नोटिस के जवाब में जिम्मेदार अधिकारी क्या सफाई देते हैं और गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

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