CG News:- मंत्रालय के असिस्टेंट स्टैटिस्टिकल ऑफिसर के घर लाखों की चोरी दिनभर दौड़ती रही पुलिस, चोर निकला अपना ही रिश्तेदार सामान मिलते ही परिवार ने FIR दर्ज कराने से किया इनकार

CG News:- बिलासपुर मंत्रालय में पदस्थ असिस्टेंट स्टैटिस्टिकल ऑफिसर के घर लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर चोरी होने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। प्रशिक्षु DSP एवं थाना प्रभारी आकाश चौधरी के नेतृत्व में डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम दिनभर सुराग तलाशती रही, लेकिन कुछ ही घंटों में कहानी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने सभी को चौंका दिया। चोर कोई बाहरी नहीं, बल्कि पीड़ित का ही 23 वर्षीय करीबी रिश्तेदार निकला, जिसने कर्ज चुकाने के लिए अपने ही मामा के घर को निशाना बनाया था। पुलिस ने चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया, लेकिन जेवर वापस मिलते ही परिवार ने रिश्ते बचाने का फैसला किया और आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराने से इनकार कर दिया।
बिलासपुर। कोटा थाना क्षेत्र के मौहारखार निवासी 69 वर्षीय कृष्ण कुमार जायसवाल ने पुलिस को सूचना दी कि शुक्रवार रात उनके घर से सोने-चांदी के जेवर और अन्य कीमती सामान गायब हो गए हैं। सूचना मिलते ही कोटा पुलिस हरकत में आ गई। थाना प्रभारी आकाश चौधरी (प्रशिक्षु डीएसपी) के नेतृत्व में डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से अलग–अलग पूछताछ की। बयान और परिस्थितियों में मिले विरोधाभास के आधार पर एक करीबी रिश्तेदार पर संदेह गहराया। तथ्यों के आधार पर की गई पूछताछ में 23 वर्षीय युवक ज्यादा देर तक सच नहीं छिपा सका और उसने चोरी की पूरी वारदात कबूल कर ली।

कर्ज चुकाने के लिए अपने ही मामा के घर किया हाथ साफ
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान था। इसी वजह से उसने अपने ही मामा के घर से जेवर और चांदी का सामान चोरी कर लिया। वारदात के बाद उसने चोरी का सामान बेचने की कोशिश नहीं की, बल्कि अपने घर के सामने पड़े रेत के ढेर में छिपाकर रख दिया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने सोने के झुमके, टॉप्स, मंगलसूत्र, नेकलेस, अंगूठी, नोज पिन, चांदी की पायल, करधन, बिछिया, चांदी के सिक्के, कटोरी समेत चोरी गया शत-प्रतिशत सामान बरामद कर लिया।
डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक जांच से खुला पूरा मामला
चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल का वैज्ञानिक परीक्षण कराया। डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम की मदद से जुटाए गए साक्ष्यों के साथ लगातार पूछताछ की गई। पुलिस को मिले सुरागों ने आखिरकार आरोपी तक पहुंचा दिया, जिसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए पूरा माल बरामद करा दिया।

सामान वापस मिला तो परिवार ने खत्म किया विवाद
आरोपी के पकड़े जाने और चोरी का पूरा सामान बरामद होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। पीड़ित कृष्ण कुमार जायसवाल ने पुलिस को शपथपत्र सौंपकर बताया कि आरोपी उनका करीबी रिश्तेदार है और परिवार के लोगों ने आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर लिया है।
उन्होंने लिखित रूप से पुलिस को बताया कि आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांग ली है। चूंकि चोरी का पूरा सामान सुरक्षित वापस मिल गया है, इसलिए वे उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाहते और न ही किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिवार ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस मामले को लेकर उनकी पुलिस से कोई शिकायत नहीं रहेगी।
थाना प्रभारी प्रशिक्षु DSP आकाश चौधरी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की थी। साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपी तक पहुंचकर चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया गया। पीड़ित की लिखित इच्छा और परिवार की सहमति के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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