CG Susspended News:– ड्राइवर को फोन पर धमकाने और गाली गलौज करने दंतेवाड़ा फिंकवाने की धमकी देने वाले कार्यपालन अभियंता कलेक्टर के जांच रिपोर्ट के आधार पर खुद निपटे, विभाग ने किया निलंबित

CG News: वाहन चालक से मोबाइल पर गाली–गलौज, अभद्र भाषा और अफसरों पर अशोभनीय टिप्पणी करना जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) शशांक सिंह को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो और एडीएम जांच रिपोर्ट के बाद राज्य शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांजगीर–चांपा कलेक्टर की अनुशंसा पर यह बड़ी कार्रवाई हुई है।
रायपुर। जांजगीर–चांपा जिले में वायरल ऑडियो कांड ने आखिरकार एक बड़े अफसर की कुर्सी छीन ली। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह को राज्य शासन ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने अधीनस्थ वाहन चालक शशिकांत साहू से फोन पर बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया था।
सबसे पहले इस पूरे मामले और वायरल ऑडियो को nyaydhani.com ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। इसके बाद जांजगीर–चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले का संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को जांच के निर्देश दिए थे।
जल संसाधन विभाग के उप सचिव रवीन्द्र कुमार मेढेकर के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि 12 मई 2026 को कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह और वाहन चालक शशिकांत साहू के बीच हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इसके बाद 13 मई को यह मामला मीडिया में भी प्रमुखता से सामने आया। कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराई गई।
एडीएम जांच में खुली अभद्रता की परतें
जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान लिए गए। एडीएम की रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट पाया गया कि ईई शशांक सिंह ने अपने अधीनस्थ चालक से मोबाइल पर अत्यंत अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। इतना ही नहीं, बातचीत के दौरान जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भी अशोभनीय टिप्पणी की गई। शासन ने माना कि इससे प्रशासनिक छवि धूमिल हुई है।

इसी आधार पर राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रमुख अभियंता कार्यालय, शिवनाथ भवन, नवा रायपुर तय किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
2022 से एसडीएम कार्यालय में अटैच था चालक
पूरा विवाद अकलतरा एसडीएम कार्यालय से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2022 में जब अकलतरा तहसील में नया एसडीएम कार्यालय बनाया गया था, तब तत्कालीन एसडीएम ममता यादव के शासकीय वाहन संचालन के लिए जल संसाधन विभाग की शाखा नरियरा अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी बायीं तट नहर जल प्रबंध उपसंभाग क्रमांक-7 में पदस्थ चालक शशिकांत साहू को एसडीएम कार्यालय अकलतरा में अटैच किया गया था।
उस समय बाकायदा लिखित आदेश जारी कर यह स्पष्ट किया गया था कि चालक की उपस्थिति एसडीएम कार्यालय में मानी जाएगी, जबकि उसका वेतन जल संसाधन विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। शुरुआती वर्षों में यह व्यवस्था सामान्य रूप से चलती रही।
पांच महीने से रुका वेतन, परिवार आर्थिक संकट में
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से जल संसाधन विभाग चालक को मूल विभाग में वापस बुलाने का दबाव बना रहा था। चालक शशिकांत साहू का कहना था कि वह लौटने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले उन्हें एसडीएम कार्यालय से औपचारिक रूप से कार्यमुक्त किया जाए।
दो विभागों के बीच समन्वय नहीं बनने का खामियाजा चालक को भुगतना पड़ा और उसका वेतन करीब पांच महीनों से रोक दिया गया। आर्थिक संकट इतना बढ़ गया कि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित होने लगी। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी मामले को लेकर संवेदनशील नजर नहीं आए।
“सर… सर…” बोलता रहा ड्राइवर, गालियां देते रहे EE
सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो में वाहन चालक लगातार सम्मानपूर्वक “सर… सर…” कहकर अपनी बात रखता सुनाई देता है, जबकि दूसरी तरफ से ईई गुस्से में गालियां और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते सुनाई देते हैं। बातचीत के दौरान कई ऐसे शब्दों का प्रयोग हुआ, जिन्हें सार्वजनिक रूप से दोहराना भी मुश्किल है।
ऑडियो में यह भी सुनाई देता है कि बातचीत के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। यही वजह रही कि मामला सिर्फ कर्मचारी–अधिकारी विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक गरिमा से जुड़ा मुद्दा बन गया।
महिला अधिकारी से बदसलूकी पर भड़के थे EE
जानकारी के मुताबिक, ईई की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि चालक ने पहले विभाग की एक महिला अधिकारी और कर्मचारी से कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया था। बातचीत के दौरान चालक ने सफाई देते हुए कहा कि वह इसके लिए माफी मांग चुका है, लेकिन ईई लगातार आक्रोशित बने रहे।
इसी दौरान चालक ने बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया में वायरल हो गई और देखते ही देखते पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई।
कलेक्टर की रिपोर्ट के बाद शासन की कार्रवाई
मामला तूल पकड़ने के बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को जांच सौंपी थी। एडीएम द्वारा दोनों पक्षों के बयान और तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर ने राज्य शासन को कार्रवाई की अनुशंसा भेजी, जिसके बाद शासन ने निलंबन आदेश जारी कर दिया।
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