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रेडी टू ईट पर सरकार का यू-टर्न नहीं, महिला स्व सहायता समूहों को काम देने से इनकार

एजेंसी ही करेगी आपूर्ति – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में दी जानकारी

बिलासपुर/रायपुर।रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार योजना को लेकर राज्य सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि रेडी टू ईट योजना का कार्य स्थानीय महिला स्व सहायता समूहों को सौंपने पर सरकार विचार नहीं कर रही है। वर्तमान में यह कार्य राज्य स्तरीय एजेंसी बीज विकास निगम के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।

विधानसभा सत्र के दौरान पूछे गए एक लिखित प्रश्न के उत्तर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि रेडी टू ईट पोषण आहार की आपूर्ति भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। पूर्व व्यवस्था में निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं हो पाने के कारण यह निर्णय लिया गया है। ऐसे में स्थानीय महिला स्व सहायता समूहों को यह कार्य पुनः सौंपने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।

यह प्रश्न साजा विधानसभा क्षेत्र से विधायक ईश्वर साहू द्वारा उठाया गया था। उन्होंने पूछा था कि क्या वर्तमान में आंगनबाड़ियों के माध्यम से वितरित किए जाने वाले रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार की आपूर्ति बीज निगम जैसी राज्य स्तरीय एजेंसियों के जरिए की जा रही है। साथ ही यह भी जानना चाहा गया कि पहले यह कार्य स्थानीय महिला स्व सहायता समूहों द्वारा किया जाता था, जिसे हटाकर एजेंसी को सौंपने के पीछे मुख्य कारण क्या है तथा क्या सरकार भविष्य में इस कार्य को पुनः महिला स्व सहायता समूहों को देने पर विचार कर रही है।

मंत्री के लिखित जवाब में स्पष्ट किया गया कि रेडी टू ईट योजना का संचालन फिलहाल बीज निगम सहित राज्य स्तरीय एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है और महिला स्व सहायता समूहों को यह जिम्मेदारी लौटाने का कोई विचार नहीं है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में राज्य की आंगनबाड़ियों में रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार की आपूर्ति स्थानीय महिला स्व सहायता समूहों द्वारा की जाती थी, जिससे उन्हें रोजगार भी प्राप्त होता था। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस व्यवस्था को समाप्त कर कार्य को केंद्रीकृत कर दिया गया था, जिस पर उस समय विपक्ष में रही भाजपा ने महिलाओं के रोजगार छिनने का मुद्दा उठाया था। हालांकि अब सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने भी महिला स्व सहायता समूहों को यह कार्य सौंपने से इनकार कर दिया है।

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