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CG News:– अधिकारियों की याददाश्त बढ़ाने पीड़ित युवक ने फेंका टेबल पर बादाम,एक साल से घूमा रहे थे फरियादी को, प्रकरण सामने आने पर आयुक्त ने दो अधिकारियों को किया अटैच

CG News:– रायपुर। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हाउसिंग बोर्ड के बादाम कांड का वीडियो सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त अवनीश शरण ने दो अधिकारियों को फील्ड से हटाकर रायपुर मुख्यालय अटैच कर दिया है। इसमें बिलासपुर में संपदा अधिकारी का चार्ज संभाल रही महिला अधिकारी भी शामिल हैं। महिला अधिकारी समेत एक अन्य अधिकारी ने फरियादी युवक की नामांतरण की फाइल पिछले 1 साल से अधिक समय से दबा कर रखी थी। आयुक्त अवनीश शरण ने प्रकरण के संज्ञान में आने पर इसकी जांच कर कार्यवाही की है।

बिलासपुर निवासी एक युवक तोरण साहू ने बिलासपुर के अभिलाषा परिसर स्थित हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी में ईडब्लूएस मकान क्रमांक 41/483 रिसेल में खरीदा था। मकान का नामांतरण अपने नाम से करवाने के लिए तोरण साहू ने 17 मार्च 2025 को हाउसिंग बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर में आवेदन दिया था। पर 1 साल से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक मकान का नामांतरण नहीं हो पाया। तोरण साहू लगातार 1 साल में पचासों चक्कर हाउसिंग बोर्ड दफ्तर के लगा चुका था,पर अधिकारी उसे फाइल नहीं मिलने का बहाना कर लगातार घूमा रहे थे।

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लगातार दफ्तर के चक्कर लगाने के बाद भी नामांतरण नहीं होने से परेशान होकर पीड़ित तोरण साहू ने अनूठा तरीका निकाला और 17 अप्रैल को बादाम लेकर हाउसिंग बोर्ड के बिलासपुर स्थित दफ्तर पहुंचा। यहां वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे की टेबल पर बादाम फेंककर तोरण साहू ने कहा किमैडम बादाम खाने से याददाश्त तेज होती है, इसे खा लीजिए,हो सकता है कि आपकी याददाश्त तेज हो जाए और मेरी फाइल कहां रखी है वह आपको याद जाएं,ताकि मेरा काम हो सके।पूरे वाक्ये का वीडियो बनाकर तोरण साहू ने सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया।

वीडियो प्रदेश भर में वायरल हुआ और इस पर लोगों की तरहतरह की प्रतिक्रिया भी सामने आई। वहीं वीडियो वायरल होने पर हाउसिंग बोर्ड की वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे ने एसपी कार्यालय पहुंच कर तोरण साहू के खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम से छवि खराब करने का आरोप भी लगाया।

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वहीं मामला संज्ञान में आने पर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त आईएएस अवनीश शरण ने प्रकरण को संज्ञान में लिया और खुद इस मामले की जांच की। उन्होंने वीडियो वायरल होने के अगले ही दिन 18 अप्रैल को प्रकरण से संबंधित सारी फाइलें मंगवा कर अवलोकन किया। जिसमें स्पष्ट हुआ कि 17 मार्च 2025 को हितग्राही तोरण साहू द्वारा नामांतरण के लिए आवेदन देने के पश्चात इस पर नामांतरण के लिए प्रक्रिया भी शुरू हुई थी और 11 नवंबर 2025 को प्रकरण का नामांतरण संबंधित पत्रक भी तैयार हो चुका था तथा उसे पर संपदा अधिकारी ने हस्ताक्षर भी कर दिए थे। बावजूद इसके पांच माह तक नामांतरण की फाइल बिलासपुर के स्थानीय अधिकारियों ने दबा कर रखी थी और हितग्राही को फाइल नहीं मिलने का बहाना कर लगातार चक्कर कटवा रहे थे। सभी तथ्य सामने आने के बाद आयुक्त अवनीश शरण ने बिलासपुर हाउसिंग बोर्ड के प्रभारी संपदा अधिकारी ईई एलपी बंजारे और वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे को उनके पद से पृथक कर दिया है। उन्हें पद से हटाते हुए आयुक्त ने रायपुर स्थित मुख्याल अटैच किया है।

वही इस प्रकरण के सामने आने के बाद जनता से जुड़ी सेवाओं के डिजिटलाइजेशन का महत्व भी सामने रहा है। राजस्व विभाग में रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण की सुविधा सरकार ने शुरू कर दी है, ताकि रजिस्ट्री के तत्काल बाद नामांतरण हो सके और जनता को नामांतरण के लिए तहसीलदारों के चक्कर काटने से बचाया जा सके। वहीं हाउसिंग बोर्ड में मैनुअल नामांतरण होने के चलते हितग्राही को अधिकारी एक साल से भी अधिक समय तक नामांतरण के लिए घूमाते रहे।

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Kanha Tiwari

छत्तीसगढ़ के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से लोक जन-आवाज को सशक्त बनाते हुए पत्रकारिता की अगुआई की है।

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