अपराधछत्तीसगढ़देश - विदेशराज्य एवं शहररायपुर

CGPSC भर्ती घोटाले में ईडी का बड़ा एक्शन: 9 ठिकानों पर छापे, 8 लाख कैश बरामद, फॉरेंसिक जांच से खुल सकते हैं कई बड़े नाम

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच अब नए मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रायपुर जोनल यूनिट ने बुधवार को राज्यभर में एक साथ कई ठिकानों पर दबिश देकर महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि इन साक्ष्यों की फॉरेंसिक पड़ताल से भर्ती प्रक्रिया में कथित हेराफेरी और उससे जुड़े आर्थिक नेटवर्क के कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार हितवाद (The Hitavada) ने किया एक्सक्लूसिव खुलासाईडी की तलाशी कार्रवाई से जुड़े नकदी बरामदगी, डिजिटल साक्ष्यों की जब्ती, कथित लाभार्थियों के नेटवर्क और कोचिंग सेंटर कनेक्शन जैसे कई अहम एवं सनसनीखेज तथ्यों का खुलासा सबसे पहले हितवाद के समाचार संपादक एवं वरिष्ठ खोजी पत्रकार मुकेश एस सिंह ने बुधवार देर रात सोशल मीडिया मंचएक्सपर किया। 🔴

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

ईडी की नौ ठिकानों पर कार्रवाई में आठ लाख रुपये नकद जब्त, डिजिटल उपकरणों, वित्तीय दस्तावेजों और संदिग्ध लाभार्थियों के नेटवर्क की जांच तेज

सीबीआई जांच से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही ईडी, कोचिंग सेंटर कनेक्शन, भर्ती प्रक्रिया में कथित हेराफेरी और मनी ट्रेल पर फोकस

● 2019 से 2022 के बीच हुई विभिन्न भर्ती परीक्षाएं भी जांच के दायरे में, डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक पड़ताल शुरू

कान्हा तिवारी
रायपुर/बिलासपुर, जून
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय, रायपुर जोनल कार्यालय (ईडीआरपीजेडओ) को बुधवार को राज्यव्यापी तलाशी अभियान के दौरान ऐसे दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय रिकॉर्ड मिले हैं जिन्हें जांच एजेंसियां मामले की आगे की पड़ताल में महत्वपूर्ण मान रही हैं। दिनभर चली कार्रवाई देर शाम संपन्न हुई, जिसके बाद एजेंसी ने जब्त सामग्री की फॉरेंसिक और वित्तीय जांच शुरू कर दी है।

ईडी की समन्वित कार्रवाई भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव और रायपुर स्थित कुल नौ परिसरों पर की गई। तलाशी के दौरान जांच दलों ने बैंकिंग एवं वित्तीय दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज डिवाइस, संपत्ति संबंधी अभिलेख तथा संचार रिकॉर्ड खंगाले। एजेंसी कथित भर्ती घोटाले से जुड़े अपराध की आय और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है।

जिन प्रमुख स्थानों पर तलाशी ली गई उनमें भिलाई सेक्टर-10 स्थित पूर्व सीजीपीएससी सचिव जे.के. ध्रुव का निवास, दुर्ग जिले के तालपुरी स्थित सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं पूर्व राज्यपाल सचिव अमृत कुमार खलखो का निवास, रायपुर में पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक का आवास तथा जेल में बंद आरोपी ललित गनवीर के भाई भूपेंद्र गनवीर से जुड़े परिसर शामिल हैं।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पूर्व सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के करीबी माने जाने वाले उत्कर्ष चंद्राकर के निवास से लगभग आठ लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि जब्त नकदी का कथित भर्ती घोटाले से जुड़े वित्तीय प्रवाह से कोई संबंध है या नहीं।
तलाशी अभियान के दौरान ईडी टीमों के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सशस्त्र जवान भी तैनात रहे। यह कार्रवाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज मूल अपराध और उसकी जांच से प्राप्त तथ्यों के आधार पर की गई। सीबीआई पहले ही मामले में कई गिरफ्तारियां कर चुकी है तथा आरोपपत्र भी न्यायालय में प्रस्तुत कर चुकी है।

  छत्तीसगढ़: 2 नगर निगम में बीजेपी की जीत, चिरमिरी में विनय जायसवाल 4000 वोट से हारे; अंबिकापुर में मंजूषा भगत 5000 वोट से जीतीं; कोरबा में बीजेपी प्रत्याशी संजू देवी 22 हजार वोटों से आगे

जांच से जुड़े जानकार सूत्रों का कहना है कि ईडी इस बात की पड़ताल कर रही है कि चयनित अभ्यर्थियों, सीजीपीएससी के कुछ पदाधिकारियों, बिचौलियों और निजी कोचिंग संस्थानों के बीच किसी प्रकार का वित्तीय नेटवर्क सक्रिय था या नहीं। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को पूर्व में मिले डिजिटल साक्ष्यों से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ व्यक्तियों और कोचिंग संस्थानों के बीच संभावित सांठगांठ के संकेत मिले थे।

ईडी अब वर्ष 2019 से 2022 के बीच आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़े वित्तीय और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। इस अवधि में राज्य सेवाओं और विभागीय पदों के लिए दो दर्जन से अधिक भर्ती प्रक्रियाएं आयोजित हुई थीं। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताएं केवल पहले से चिन्हित चयन प्रक्रियाओं तक सीमित थीं या उनका दायरा इससे कहीं व्यापक था।

उल्लेखनीय है कि सीबीआई जांच में अब तक पूर्व सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल, ललित गनवीर, नितेश सोनवानी, शशांक गोयल, भूमिका कटियार और साहिल सोनवानी की गिरफ्तारी हो चुकी है। सीबीआई ने 16 जनवरी 2025 को रायपुर स्थित विशेष सीबीआई न्यायालय में पहला आरोपपत्र प्रस्तुत किया था।

कार्रवाई से जुड़े सूत्रों ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि सीबीआई द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और जांच के आधार पर ईडी अब उन तथ्यों की गहन पड़ताल कर रही है, जिनसे यह संकेत मिलता है कि गोपनीय परीक्षा प्रक्रियाओं से समझौता किया गया हो सकता है तथा विभिन्न भर्ती चक्रों में गैरयोग्यता आधारित तरीकों से चयन को प्रभावित किया गया हो।

सूत्रों के अनुसार, जब्त हार्ड डिस्क, मोबाइल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज मीडिया और संचार रिकॉर्ड का विश्लेषण करने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है। डिजिटल डेटा की जांच से संदिग्ध व्यक्तियों के बीच संपर्क, वित्तीय लेनदेन और गतिविधियों की समयश्रृंखला को पुनर्निर्मित करने का प्रयास किया जाएगा। जांचकर्ताओं का मानना है कि फॉरेंसिक विश्लेषण से कथित भर्ती घोटाले के संचालन तंत्र की परतें खुल सकती हैं और जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है।

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

Kanha Tiwari

छत्तीसगढ़ के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से लोक जन-आवाज को सशक्त बनाते हुए पत्रकारिता की अगुआई की है।

Related Articles

Back to top button