CG News :- करही की जनता ने साबित किया, यह गांधी का देश,बुलेट नहीं बैलेट पर विश्वास करही की जनता को, गोलीकांड के मुख्य आरोपी को मिले सिर्फ चार वोट

CG News :- कभी गांव में दबदबा दिखाने की कोशिश करने वाला गणपति चुनाव में सिर्फ 4 वोटों पर सिमट गया। करही उपचुनाव में हंसराज बंजारे को 55 मत मिले और जनता ने वोट के जरिए अपना फैसला सुना दिया। दूसरी ओर, गोलीकांड की जांच भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। पुलिस को भटकाने के लिए शक की सुई यूपी और एमपी तक घुमाई गई, लेकिन एक ह्यूमन इंटेलिजेंस इनपुट ने पूरा खेल पलट दिया। इंस्टाग्राम गैंग से जुड़ी कड़ियां सामने आईं और एसपी विजय कुमार पांडेय की रणनीतिक निगरानी में जांच ने रफ्तार पकड़ी। अब सबकी नजर संभावित नार्को टेस्ट पर है, जिससे इस पूरे घटनाक्रम के पीछे छिपे कई राज सामने आ सकते हैं।
जांजगीर-चांपा। करही गांव में हुए बहुचर्चित गोलीकांड के बाद खाली हुई पंच सीट पर हुए उपचुनाव में मतदाताओं ने ऐसा फैसला सुनाया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। गांव में लंबे समय से विवादों और आपराधिक घटनाओं के केंद्र में रहे गणपति को जनता ने चुनाव में सिरे से खारिज कर दिया। चुनावी मैदान में उतरे गणपति को जहां महज 4 वोट मिले, वहीं हंसराज बंजारे ने 55 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। एक वोट निरस्त घोषित हुआ।
कुल 60 मतों वाले इस उपचुनाव के नतीजे सामने आने के बाद गांव में इसे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जनता ने मतपेटी के जरिए साफ संदेश दिया है कि गांव का भविष्य भय और दबाव नहीं, बल्कि जनविश्वास तय करेगा।
गोलीकांड के बाद पुलिस को यूपी-एमपी तक भटकाया गया
करही गोलीकांड की जांच शुरू से ही बेहद उलझी हुई रही। वारदात के बाद आरोपियों ने घटनास्थल पर ऐसे हालात बनाए कि शक की सुई स्थानीय लोगों की बजाय बाहरी अपराधियों की ओर घूम जाए। शुरुआती जांच में मिले संकेतों के आधार पर पुलिस ने हमलावरों की तलाश में छत्तीसगढ़ से बाहर तक दबिश दी।
जांच टीम उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक पहुंची। कई संदिग्धों से पूछताछ हुई, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। ऐसा लग रहा था कि हमलावर बाहरी हैं, जबकि सच्चाई गांव के भीतर ही छिपी हुई थी।
इंस्टाग्राम गैंग से खुली साजिश की परतें
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब पुलिस को एक महत्वपूर्ण ह्यूमन इंटेलिजेंस इनपुट मिला। सूचना थी कि गांव के कुछ युवक इंस्टाग्राम पर एक गैंग संचालित करते हैं और पैसों के लिए विभिन्न अवैध गतिविधियों में शामिल रहते हैं।
इसके बाद पुलिस ने गैंग से जुड़े युवकों की गतिविधियों, संपर्कों और आपसी रिश्तों की गहन जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो एक-एक कर साजिश की परतें खुलती चली गईं। पुलिस को समझ आ गया कि जिस वारदात को बाहरी बदमाशों की करतूत बताने की कोशिश की जा रही थी, उसकी पटकथा गांव के भीतर ही लिखी गई थी।
उपसरपंच महेंद्र बघेल की हत्या से जुड़ा है पूरा मामला
करही गांव का यह विवाद उस समय और गहरा गया था, जब 6 सितंबर 2025 की रात उपसरपंच महेंद्र बघेल की हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि पंचायत फंड और राशि के बंटवारे को लेकर विवाद बढ़ा और उसकी परिणति हत्या में हुई।
आरोप है कि महेंद्र बघेल की गला घोंटकर हत्या की गई और शव को महानदी में फेंक दिया गया। मामले में पुलिस ने सरपंच पति राजकुमार साहू, राजू उर्फ शैलेष कश्यप, राजेन्द्र साहू, आदित्य, जितेन्द्र कश्यप, कान्हा यादव और भास्कर मांझी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं दो नाबालिगों को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया था। घटना के बाद पंच की सीट खाली हो गई थी, जिस पर अब उपचुनाव कराया गया।
55 बनाम 4: जनता ने सुनाया अपना फैसला
उपचुनाव के परिणाम ने साफ कर दिया कि गांव की जनता किसके साथ खड़ी है। हंसराज बंजारे को 55 वोट मिलना और गणपति का सिर्फ 4 वोटों पर सिमट जाना ग्रामीणों के रुख को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन की मुस्तैदी और पुलिस की कड़ी निगरानी के कारण मतदान शांतिपूर्ण माहौल में हुआ, जिससे लोग बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग कर सके।
एसपी विजय कुमार पांडेय के लौटते ही बदली जांच की दिशा
प्रशिक्षण से लौटने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने मामले की समीक्षा की और जांच की रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए। उनकी निगरानी में टीम ने नए सिरे से तथ्यों और साक्ष्यों को खंगाला। इसके बाद विवेचना ने तेजी पकड़ी और पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने मामले की परतें खोलनी शुरू कर दीं।
जांच अधिकारियों का मानना है कि इसी रणनीतिक बदलाव के बाद पुलिस वास्तविक आरोपियों तक पहुंचने में सफल हुई और हत्याकांड की साजिश का खुलासा संभव हो सका।
अब नार्को टेस्ट पर टिकी हैं निगाहें
उपचुनाव के नतीजों के बाद अब पूरे मामले में पुलिस जांच का अगला चरण शुरू होने वाला है। सूत्रों के मुताबिक मुख्य आरोपी गणपति का नार्को टेस्ट कराए जाने की तैयारी चल रही है।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि नार्को टेस्ट से गोलीकांड, उपसरपंच हत्याकांड और इसके पीछे सक्रिय संभावित सफेदपोशों तथा रसूखदार लोगों की भूमिका को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
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