CG News: दफ्तर में शराब की बोतल, सड़क निर्माण में गड़बड़ी और मीटिंगों से नदारद…जांच हुई तो की चली गई CMO कुर्सी,

बेमेतरा। सरकारी कुर्सी पर बैठे अधिकारी के सामने शराब की बोतल रखी हो, बनाई गई सड़क मानकों पर खरी न उतरे और बार-बार बुलाने के बावजूद बैठकों में भी वह न पहुंचे, तो सवाल उठना लाज़मी है। बेमेतरा के दाढ़ी नगर पंचायत में कुछ ऐसा ही हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और शुरुआती जांच में सामने आई अनियमितताओं के बाद राज्य शासन ने प्रभारी CMO रमेश कुमार ध्रुव को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सिर्फ एक अधिकारी पर नहीं, बल्कि उस भरोसे पर भी है जो जनता सरकारी व्यवस्था से करती है।

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले की दाढ़ी नगर पंचायत में पदस्थ प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) रमेश कुमार ध्रुव को राज्य शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निर्माण कार्यों में कथित अनियमितता, कार्यालय में शराब की बोतल के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पाए जाने और वरिष्ठ अधिकारियों की चेतावनी के बावजूद समय-सीमा (TL) बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहने जैसे गंभीर आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रारंभिक जांच में रमेश कुमार ध्रुव के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। शासन ने उनके आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का गंभीर उल्लंघन मानते हुए निलंबन का आदेश जारी किया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
कार्रवाई की सबसे बड़ी वजहों में से एक वह वीडियो बताया जा रहा है, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में रमेश कुमार ध्रुव अपने कार्यालय कक्ष में बैठे दिखाई दे रहे हैं और उनके सामने शराब की बोतल रखी हुई नजर आ रही है।
वीडियो सार्वजनिक होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। शासन स्तर पर इसे गंभीरता से लिया गया और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कराई गई। जांच के बाद विभाग ने कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
शासन के आदेश में उल्लेख किया गया है कि दाढ़ी नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-11 में बजरंग बली मंदिर से लगनी बाई के घर तक निर्मित सीसी रोड की गुणवत्ता जांच कराई गई थी। कोर कटिंग परीक्षण के दौरान सड़क की स्ट्रेंथ निर्धारित मानक एम-30 से काफी कम पाई गई।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता में गंभीर कमी मिलने के बाद संबंधित कार्यों को लेकर भी ध्रुव की भूमिका पर सवाल खड़े हुए। प्रारंभिक जांच में इसे प्रशासनिक लापरवाही और जिम्मेदारी के निर्वहन में गंभीर कमी माना गया।
चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरा रवैया
आदेश में यह भी कहा गया है कि वरिष्ठ कार्यालय द्वारा बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद रमेश कुमार ध्रुव समय-सीमा (TL) बैठकों में बिना पूर्व सूचना के लगातार अनुपस्थित रहते थे। शासन ने इसे सेवा अनुशासन का उल्लंघन मानते हुए उनके खिलाफ दर्ज आरोपों में शामिल किया है।
निलंबन अवधि में दुर्ग रहेगा मुख्यालय
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रमेश कुमार ध्रुव का मूल पद राजस्व उप निरीक्षक है और वे दाढ़ी नगर पंचायत में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।
उन्हें छत्तीसगढ़ नगरपालिका कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम, 1968 के नियम-53 तथा छत्तीसगढ़ राज्य नगर पालिका (कार्यपालन/यांत्रिकी/स्वास्थ्य) सेवा भर्ती एवं सेवा शर्तें नियम, 2017 के नियम-33 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
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