इंटक की सख्ती से झुका सिस्टम: मजदूर को मिला 50 हजार, किसान को ब्याज राहत का भरोसा

इंटक की सख्ती से झुका सिस्टम: मजदूर को मिला 50 हजार, किसान को ब्याज राहत का भरोसा

शिकायत मिलते ही हरकत में आया संगठन, अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने दोनों मामलों में कराया समाधान
जीपीएम। जिले में मजदूरों और किसानों के मुद्दों पर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) की सक्रियता लगातार असर दिखा रही है। ताजा मामले में एक मजदूर को उसका बकाया दिलाने और एक गरीब किसान को राहत दिलाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।
जानकारी के अनुसार, सारबहरा निवासी मजदूर नरेन्द्र सिंह सतनामी ने पिछले सप्ताह इंटक जिला कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत लेवर ठेकेदार से जुड़े भुगतान विवाद की थी। मामला सरकारी कर्मचारी से संबंधित होने के कारण इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी से फोन पर संपर्क किया और उन्हें कार्यालय आकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा।
अधिकारी ने रविवार को कार्यालय पहुंचकर अपनी बात रखी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसमें इंटक अध्यक्ष ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए आपसी सहमति से मजदूर को 50 हजार रुपए दिलाने का फैसला कराया। दोनों पक्षों ने इस समझौते पर सहमति जताई।
समझौते के बाद संबंधित अधिकारी ने राशि जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। तय समयसीमा के भीतर 19 तारीख की शाम को अधिकारी ने 50 हजार रुपए इंटक जिला अध्यक्ष के पास जमा कर दिए।
इंटक अध्यक्ष ने तत्काल मजदूर नरेन्द्र सतनामी को फोन कर राशि प्राप्त करने के लिए सूचित किया, लेकिन पारिवारिक शोक के चलते वह उस दिन नहीं पहुंच सका। इसके बाद आज मजदूर स्वयं इंटक कार्यालय पहुंचा, जहां अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने उसे पूरी राशि सौंप दी।
इसी बीच एक अन्य मामले में देवरी कला के गरीब किसान देव सिंह ने सहकारी बैंक से लिए गए लोन को लेकर अपनी समस्या इंटक के समक्ष रखी। किसान ने बताया कि खराब फसल और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते वह बैंक की किस्त जमा नहीं कर पा रहा है।
इस पर इंटक अध्यक्ष ने किसान को भरोसा दिलाया कि बैंक के फील्ड ऑफिसर से बात कर ब्याज में छूट दिलाने का प्रयास किया जाएगा, हालांकि मूलधन चुकाना आवश्यक होगा। किसान ने इस शर्त को स्वीकार करते हुए मूलधन जमा करने की सहमति दे दी।
इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने मीडिया को बताया कि आज के समय में इंटक जिला कार्यालय गरीब मजदूरों, किसानों और आदिवासियों के लिए उम्मीद का केंद्र बन चुका है। यहां समस्याओं का समाधान साफ, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से किया जा रहा है, जिसके कारण संगठन से लोगों का जुड़ाव तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि आगामी अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (1 मई) को लेकर संगठन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षेत्र के हर मजदूर से संपर्क करें और उनकी समस्याओं को सामने लाएं।
अंसारी ने साफ शब्दों में कहा कि जहां-जहां मजदूरी भुगतान से जुड़ी शिकायतें सामने आएंगी, वहां संबंधित संस्थानों, उद्योगों और मिलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मजदूरों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठन जल्द ही हर क्षेत्र में यूनियन गठन का अभियान तेज करेगा।

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