CG News:- पेट्रोल-डीजल संकट ने बढ़ाई लोगों की टेंशन, 13 पेट्रोल पंप हुए ड्राई,कहीं राशनिंग तो कहीं ‘नो स्टॉक’, टंकी फुल कराने पंपों पर उमड़ी भीड़..

CG News:- छत्तीसगढ़ के Bilaspur में पेट्रोल–डीजल को लेकर हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब शहर के पेट्रोल पंपों पर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले दो दिनों में शहर और आसपास के 13 पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं। हालात को देखते हुए कई पंप संचालकों ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री सीमित कर दी है। जिन पंपों पर ईंधन उपलब्ध है, वहां सुबह से लंबी कतारें लगी हुई हैं।
Bilaspur बिलासपुर। खाड़ी देशों में लगातार बिगड़ रहे हालात का असर अब छत्तीसगढ़ के शहरों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंच गया है। शहर के अंदरूनी हिस्सों के साथ–साथ आउटर एरिया, नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर स्थित पेट्रोल पंपों में भी ईंधन की कमी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा संकट HPCL के पंपों में बताया जा रहा है। वहीं BPCL के कई पंपों में भी पेट्रोल और डीजल की कमी बनी हुई है। IOCL के कुछ पंप भी खाली हुए हैं, लेकिन वहां सप्लाई अपेक्षाकृत जल्दी पहुंच रही है।
सबसे खराब स्थिति बिलासपुर–कोरबा मार्ग पर देखी जा रही है। उसलापुर, कोनी, सेंदरी, सकरी और घुटकू इलाके के कई पेट्रोल पंपों में तेल खत्म हो चुका है, जिससे लोगों को बिना ईंधन लौटना पड़ रहा है। शहर के प्रमुख पेट्रोल पंपों के साथ जिले के ग्रामीण इलाकों में भी संकट गहराने लगा है। कई पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लगा दिए गए हैं, जबकि कुछ पंप पूरी तरह बंद हो चुके हैं। बुधवार को टैंकर नहीं पहुंचने के कारण अधिकतर सर्विस स्टेशनों की स्थिति खराब रही।
पंप संचालकों का कहना है कि तेल कंपनियों को भुगतान पहले ही कर दिया गया है और डिपो से टैंकर भेजे जा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द सप्लाई बहाल हो सकती है।हालात ऐसे बन गए हैं कि जिन पंपों पर पेट्रोल–डीजल उपलब्ध है, वहां भी कटौती शुरू कर दी गई है। लोग एहतियातन सामान्य दिनों से ज्यादा तेल भरवा रहे हैं। कई पंपों में वाहनों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जिले में पांच दिन का स्टॉक मौजूद है और गुरुवार तक स्थिति संभल सकती है।
टैगोर चौक, पुलिस पेट्रोल पंप, सीपत चौक और बैमा–नगोई चौक के पंपों पर बुधवार को सामान्य से ज्यादा भीड़ देखने को मिली। कर्मचारियों के मुताबिक लोग पहले से ज्यादा मात्रा में पेट्रोल भरवा रहे हैं। कई वाहन चालकों का कहना है कि यदि बाकी पंप भी बंद हो गए तो परेशानी और बढ़ जाएगी, इसलिए पहले से टंकी फुल करवाई जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लागू हुई राशनिंग व्यवस्था
ग्रामीण इलाकों के कई पंप संचालकों ने अपने स्तर पर ईंधन की बिक्री सीमित कर दी है। बाइक चालकों को अब 500 रुपये की जगह केवल 200 रुपये तक का पेट्रोल दिया जा रहा है। कार चालकों को 1000 रुपये तक का तेल मिल रहा है, जबकि बड़े वाहनों के लिए डीजल की मात्रा सीमित कर दी गई है।संचालकों का कहना है कि एडवांस पेमेंट के बावजूद सप्लाई दो से तीन दिन की देरी से पहुंच रही है। उनके मुताबिक HPCL के पंपों में सबसे ज्यादा परेशानी है, जबकि BPCL के पंप भी प्रभावित हो रहे हैं।
ट्रांसपोर्ट कारोबार में बढ़ी चिंता
फिलहाल बस और एम्बुलेंस सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं, लेकिन ट्रांसपोर्ट कारोबार में असर दिखने लगा है। खासतौर पर बिलासपुर–कोरबा रूट पर डीजल की कमी से मालवाहक वाहन संचालक चिंतित हैं।कुछ तेल कंपनियों ने सप्लाई को नियंत्रित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। कई पंपों पर एक बार में सीमित मात्रा में ही ईंधन देने के निर्देश दिए गए हैं। कहीं 40 लीटर तो कहीं 50 लीटर तक की सीमा तय की गई है।बताया जा रहा है कि यह व्यवस्था कालाबाजारी रोकने और ज्यादा लोगों तक तेल पहुंचाने के लिए लागू की गई है। हालांकि इससे बड़े वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों की परेशानी बढ़ गई है।
कमर्शियल डीजल महंगा होने से बढ़ा दबाव
जानकारी के अनुसार कमर्शियल पंपों पर डीजल के दाम बढ़ने के बाद भारी वाहन चालक अब सामान्य पेट्रोल पंपों से कम कीमत में डीजल भरवा रहे हैं। इससे सामान्य पंपों पर दबाव काफी बढ़ गया है। कुछ पंप संचालकों द्वारा ज्यादा दर लेकर कमर्शियल वाहनों को तेल दिए जाने की भी चर्चा है, जिसके बाद कोटा सिस्टम लागू किया गया है।
जल्द सामान्य हो सकती है स्थिति
फूड कंट्रोलर Amrit Kujur ने बताया कि शहर के 9 पंप संचालकों का भुगतान पूरा हो चुका है और जल्द सप्लाई मिलने की संभावना है। चार सर्विस स्टेशनों का भुगतान अभी लंबित है। उन्होंने कहा कि ऑयल कंपनियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और एक–दो दिन में स्थिति सामान्य हो सकती है।
वहीं संजय अग्रवाल ने ऑयल कंपनियों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन की बैठक बुलाई है। उनका कहना है कि जिले में ज्यादा शॉर्टेज नहीं है और सप्लाई बहाल करने की प्रक्रिया जारी है।
पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष Navdeep Singh Arora ने बताया कि कुछ पंपों में ईंधन खत्म जरूर हुआ है, लेकिन स्थिति चिंताजनक नहीं है। कई पंपों को देर रात या गुरुवार तक पेट्रोल–डीजल मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि शहर का गंगा फ्यूल्स पहले से बंद है, जबकि नेहरू चौक का पंप तीन बार ड्राई हो चुका है। देवकीनंदन चौक का पंप भी पिछले एक महीने से बंद पड़ा हुआ है। बुधवार को आउटर इलाके के कई पंपों में अचानक पेट्रोल–डीजल खत्म हो गया, जबकि कुछ पंप पिछले तीन दिनों से सूखे पड़े हैं।
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