CG News:- जहां कभी माओवादियों का खौफ था, वहां पहली बार पहुंचा लोकतंत्र… बाइक से बिनागुंडा पहुंचे सांसद भोजराज नाग, ग्रामीणों ने रखी अपनी पीड़ा

CG News:-अबूझमाड़ के बिनागुंडा में पहली बार सांसद की दस्तक, कभी माओवादी प्रभाव के लिए चर्चित रहे इस गांव में अब विकास की उम्मीद जगी; लेकिन ग्रामीणों की सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की समस्याएं आज भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
कांकेर। अबूझमाड़ के घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे बिनागुंडा गांव में एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। आजादी के बाद पहली बार कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग मोटरसाइकिल से बिनागुंडा पहुंचे। उनके साथ स्थानीय प्रशासन की टीम भी गांव तक पहुंची। लंबे समय तक नक्सल प्रभाव और दुर्गमता के कारण मुख्यधारा से दूर रहे इस इलाके में सांसद की मौजूदगी को विकास की नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
बिनागुंडा कभी माओवादियों के सबसे मजबूत गढ़ और उनकी कथित राजधानी के रूप में जाना जाता था। सुरक्षा कारणों और नक्सली गतिविधियों के चलते यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। वर्षों तक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी इस क्षेत्र से दूरी बनाए रखते थे। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। बड़ी संख्या में माओवादियों के आत्मसमर्पण और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बाद अबूझमाड़ में बदलाव की तस्वीर नजर आने लगी है।सांसद भोजराज नाग का बिनागुंडा पहुंचना इसी बदलाव की एक बड़ी तस्वीर माना जा रहा है।
तिरंगा फहराने के बाद मारे गए मनेश नूरुटी को दी श्रद्धांजलि
दौरे के दौरान सांसद भोजराज नाग ने माओवादी हिंसा के शिकार मनेश नूरुटी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। बताया जाता है कि माओवादियों ने तिरंगा झंडा फहराने के बाद मनेश नूरुटी की हत्या कर दी थी।
इस दौरान आदिवासी महिला पुनाय नूरुटी ने सांसद के सामने अपनी परेशानी रखी। महिला ने अपने पति को निर्दोष बताते हुए उसे नक्सली मामले में जेल भेजे जाने की शिकायत की और जल्द रिहाई की मांग की। महिला ने अपने परिवार से जुड़ी पुरानी घटनाओं का भी जिक्र किया। वहीं गांव की कई अन्य महिलाओं ने भी नक्सल मामलों में जेल में बंद आदिवासियों को जल्द न्याय दिलाने की मांग उठाई।

ग्रामीणों ने बताया दर्द, कहा– आज भी सुविधाओं के लिए संघर्ष
सांसद ने गांव में ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने कुपोषण, गरीबी, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, शिक्षा व्यवस्था की कमजोर स्थिति और मूलभूत सुविधाओं के अभाव की समस्या सामने रखी।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से उपेक्षित रहने के कारण आज भी कई परिवार विकास की मुख्यधारा से दूर हैं। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार जैसी सुविधाओं के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ता है।
गांव के लोगों ने बताया कि कई इलाकों तक पहुंचने के लिए आज भी घंटों पैदल चलना पड़ता है। स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने के कारण छोटी बीमारियां भी गंभीर रूप ले लेती हैं। वहीं बच्चों और महिलाओं में कुपोषण बड़ी समस्या बनी हुई है।
सांसद ने दिया भरोसा, बोले– अब पहचान विकास से होगी
सांसद भोजराज नाग ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि अबूझमाड़ क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संचार सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र की समस्याओं का सर्वे कर जरूरी योजनाओं को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए।
सांसद ने कहा कि अब समय आ गया है जब अबूझमाड़ की पहचान नक्सलवाद से नहीं बल्कि विकास और जनकल्याण के कार्यों से होनी चाहिए।
जहां कभी बंदूक की गूंज थी, वहां अब विकास की उम्मीद
स्थानीय लोगों का मानना है कि सांसद का बिनागुंडा पहुंचना सिर्फ एक दौरा नहीं, बल्कि दशकों से अलग–थलग पड़े क्षेत्र के लिए नई उम्मीद की शुरुआत है।अबूझमाड़ के इस दूरस्थ गांव में जनप्रतिनिधि और प्रशासन की पहुंच बढ़ना बदलाव का संकेत है। जहां कभी बंदूक की आवाज सुनाई देती थी, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की बातें हो रही हैं।

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