अपराधछत्तीसगढ़जांजगीरराज्य एवं शहर

CG News:- सरकारी स्कूल में हेडमास्टर पर गंभीर आरोप… बच्चों के सामने अशोभनीय हरकत और अश्लील वीडियो देखने का दावा, थाने पहुंचे ग्रामीणों कर रहे एफआईआर की मांग

जांजगीर-चांपा- जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत डोंगा-कोहरोद स्थित शासकीय प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक पर लगे गंभीर आरोपों ने शिक्षा विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्रधान पाठक भुवनेश्वर कौशिक पर स्कूल समय के दौरान बच्चों के सामने केवल टी-शर्ट और अंडरवियर में बैठने, मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने और अशोभनीय हरकत करने के आरोप लगे हैं। घटना की जानकारी सामने आने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने पामगढ़ थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने, तत्काल निलंबन और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बच्चों ने घर पहुंचकर बताई पूरी घटना

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

ग्रामीणों के मुताबिक, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को प्रधान पाठक की कथित हरकतों की जानकारी दी। बच्चों की बात सुनने के बाद बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण स्कूल पहुंचे। उनका आरोप है कि उन्हें देखते ही प्रधान पाठक जल्दबाजी में पैंट पहनने लगे। ग्रामीणों का दावा है कि इस दौरान का वीडियो भी उन्होंने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया है।

शिकायत में गंभीर आरोप

अभिभावकों द्वारा की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रधान पाठक स्कूल समय के दौरान अनुचित अवस्था में अपने कक्ष में बैठे रहते थे। इतना ही नहीं, वे बच्चों की मौजूदगी में मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखते थे और अशोभनीय व्यवहार करते थे। इन आरोपों के बाद अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा और स्कूल के माहौल पर गंभीर चिंता जताई है।

  CG News:-“छात्रा की मौत: दो महीने चली जांच, FIR दर्ज होते ही आरोपी हुए फरार,प्राचार्य के पति और सरकारी शिक्षक पर जुर्म दर्ज,

थाने पहुंचे ग्रामीण, एफआईआर और सख्त कार्रवाई की मांग

घटना से नाराज ग्रामीण और अभिभावक पामगढ़ थाना पहुंचे और प्रधान पाठक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। साथ ही शिक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, तत्काल निलंबन और आरोप सही पाए जाने पर सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई

फिलहाल मामले की शिकायत पुलिस और शिक्षा विभाग तक पहुंच चुकी है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं। यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित प्रधान पाठक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह मामला केवल एक शिक्षक पर लगे आरोपों तक सीमित नहीं है। यदि शिकायतें सही साबित होती हैं तो यह सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों के सीखने और सुरक्षित वातावरण का स्थान होता है। ऐसे में इस तरह के आरोपों की निष्पक्ष और त्वरित जांच जरूरी है, ताकि तथ्य सामने आएं और जिम्मेदारी तय हो सके।

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

RAVI TAMBOLI

एक सक्रिय और निष्पक्ष समाचार रिपोर्टर हैं, जो सामाजिक, राजनीतिक और स्थानीय मुद्दों पर सटीक व तथ्यात्मक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button