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CG News :तेज रफ्तार वाहन ने सड़क में बैठी मवेशी को कुचला, मौत,CCTV में कैद हुई वारदात।

GPM : पेंड्रा-मनेन्द्रगढ़ मुख्य मार्ग पर सड़क सुरक्षा और गौवंश संरक्षण के दावों की पोल खोलने वाली एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। सड़क के बीच बैठी एक गाय को तेज रफ्तार मालवाहक वाहन ने लापरवाहीपूर्वक रौंद दिया। घटना इतनी दर्दनाक थी कि गाय की मौके पर ही मौत हो गई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश है।

सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि गाय सड़क के बीच बैठी हुई थी। इसी दौरान तेज रफ्तार मालवाहक वाहन चालक ने वाहन की गति कम करने या रास्ता बदलने के बजाय गाय को सीधे कुचल दिया और वाहन लेकर आगे निकल गया। सवाल यह है कि यदि सड़क पर बैठा पशु चालक को दिखाई दे रहा था, तो वाहन की रफ्तार कम क्यों नहीं की गई? क्या कुछ सेकंड की सावधानी एक बेजुबान जीव की जान नहीं बचा सकती थी?

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हालांकि इस घटना में वाहन चालक की लापरवाही साफ तौर पर सामने आती है, लेकिन इसके साथ ही सड़क पर खुले में घूमते और बैठते गौवंश को लेकर पशुपालकों और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। पशुपालक अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। वहीं प्रशासन द्वारा गौवंश को सुरक्षित रखने, सड़कों से हटाने और पशुपालकों की जिम्मेदारी तय करने के लिए किए जा रहे इंतजामों की भी समीक्षा जरूरी है।

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सड़क पर बैठे पशुओं से न केवल उनकी जान खतरे में रहती है, बल्कि वाहन चालकों और राहगीरों की जिंदगी भी जोखिम में पड़ती है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसे में केवल दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले से प्रभावी व्यवस्था बनानी होगी।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भी सड़कों पर आवारा और मवेशियों की वजह से होने वाली मौतों को लेकर गंभीर टिप्पणी कर चुका है। इसके बावजूद यदि मुख्य मार्गों पर गौवंश खुलेआम बैठे मिल रहे हैं और उनकी मौतें हो रही हैं, तो यह व्यवस्था के लिए बड़ा सवाल है।

अब जरूरत है कि प्रशासन इस घटना का संज्ञान लेकर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन चालक की पहचान कर कार्यवाही करे। साथ ही पशुपालकों को भी जिम्मेदार बनाते हुए सड़क पर मवेशी छोड़ने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाई जाए। स्थानीय निकाय और संबंधित विभाग मुख्य मार्गों पर घूमने वाले गौवंश को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की नियमित व्यवस्था करें।

एक गाय की मौत केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह चालक की लापरवाही, पशुपालकों की उदासीनता और प्रशासनिक व्यवस्था—तीनों पर सवाल खड़ा करती है। अब देखना होगा कि इस दर्दनाक घटना के बाद जिम्मेदारी तय होती है या फिर यह मामला भी कुछ दिनों बाद फाइलों में दबकर रह जाता है…..

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Bipat Sarthi

पत्रकार के रूप में कार्य करते हुए स्थानीय समाचारों का निष्पक्ष कवरेज, साक्षात्कार और सटीक रिपोर्टिंग का अनुभव।

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