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CG News:- मुंगेली पुलिस के मालखाने में अब नहीं चलेगा रजिस्टरों का झंझट! हर जब्त सामान को मिलेगा यूनिक बारकोड, एक स्कैन में खुलेगा केस प्रॉपर्टी का डिजिटल रिकॉर्ड

CG News:- मुंगेली पुलिस के मालखाने में अब नहीं चलेगा रजिस्टरों का झंझट! हर जब्त सामान को मिलेगा यूनिक बारकोड, एक स्कैन में खुलेगा केस प्रॉपर्टी का डिजिटल रिकॉर्ड

CG News:- थाने के मालखाने में रखा कोई वाहन हो, नकदी हो, हथियार हो या एनडीपीएस और आबकारी एक्ट में जब्त सामग्री—अब उसकी पहचान रजिस्टरों के ढेर में तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हर केस प्रॉपर्टी को मिलेगी डिजिटल पहचान और यूनिक बारकोड। बारकोड स्कैन करते ही संबंधित जब्त सामान का रिकॉर्ड कंप्यूटर सिस्टम में आसानी से खोजा जा सकेगा। बिलासपुर संभाग में इस नई व्यवस्था की शुरुआत सबसे पहले मुंगेली जिले के दो थानों से हुई है।

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मुंगेली। पुलिसिंग को कागजों से निकालकर तकनीक के दौर में ले जाने की दिशा में मुंगेली पुलिस ने एक नई पहल की है। 27 अगस्त 2026 को पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग (भापुसे) ने जिला मुंगेली के थाना जरहागांव और थाना फास्टरपुर में ‘ई-मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम’ का शुभारंभ किया। यह व्यवस्था वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल (भापुसे) के मार्गदर्शन में शुरू की गई है।

 

संभाग में पहली बार मुंगेली के दो थानों में शुरुआत

बिलासपुर संभाग में ई-मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम का पहली बार मुंगेली जिले के दो थानों—जरहागांव और फास्टरपुर—में उद्घाटन किया गया है। इसका उद्देश्य थानों में जब्त संपत्ति और केस प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड को ज्यादा आधुनिक, सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।

पुलिस थानों में अपराध, मर्ग और अन्य प्रकरणों में अलग-अलग तरह की सामग्री जब्त की जाती है। यह सामग्री बाद में केस प्रॉपर्टी के रूप में मालखाने में सुरक्षित रखी जाती है। बड़ी संख्या में जब्त सामान होने के कारण उसका रिकॉर्ड व्यवस्थित रखना और जरूरत पड़ने पर किसी खास सामग्री की जानकारी निकालना कई बार चुनौती बन जाता है।

अब इसी चुनौती का समाधान डिजिटल सिस्टम के जरिए करने की तैयारी है।

नकदी से लेकर वाहन और हथियार तक, सबका बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

ई-मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम के तहत मालखाने में रखी केस प्रॉपर्टी और जब्त सामग्री का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

इसमें विभिन्न अपराधों में जब्त—

* नकदी

* वाहन

* हथियार

* एनडीपीएस एक्ट से संबंधित सामग्री

* आबकारी एक्ट से संबंधित सामग्री

* अन्य केस प्रॉपर्टी और जब्त सामग्री

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का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से संधारित किया जाएगा।

इससे पुराने रिकॉर्ड प्रबंधन में आने वाली कठिनाइयों को कम करने और जब्त सामान से संबंधित जानकारी को ज्यादा सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।

हर सामान की होगी ‘डिजिटल पहचान’, बारकोड करेगा ट्रैक

इस पूरी व्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा है यूनिक बारकोड।

प्रत्येक जब्त सामग्री की पहचान और ट्रैकिंग के लिए उसे यूनिक बारकोड से जोड़ा जाएगा। संबंधित बारकोड को स्कैन करने पर केस प्रॉपर्टी की जानकारी डिजिटल सिस्टम में आसानी से खोजी जा सकेगी।

यानी किसी मामले में जब्त सामान की जरूरत पड़ी तो उसे ढूंढने और उससे संबंधित रिकॉर्ड निकालने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा आसान और तेज हो सकेगी।

सिर्फ रिकॉर्ड नहीं, पारदर्शिता और जवाबदेही भी

पुलिस के मुताबिक ई-मालखाना सिस्टम का फायदा केवल रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने तक सीमित नहीं रहेगा। इससे थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही, सुरक्षित रख-रखाव और रिकॉर्ड की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

केस प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड के संधारण में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सुविधा होगी। साथ ही मालखाना प्रबंधन में तकनीक का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सकेगा।

आईजी गर्ग के निर्देशन में तकनीक से जुड़ रही पुलिसिंग

बिलासपुर रेंज में पुलिसिंग को तकनीक से जोड़ने और लंबित कार्यों का त्वरित एवं व्यवस्थित निराकरण करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में ई-मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया जाना मुंगेली पुलिस की आधुनिक और तकनीक आधारित पुलिसिंग की ओर महत्वपूर्ण कदम है।

आईजी रामगोपाल गर्ग के निर्देशन और एसएसपी भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में मुंगेली पुलिस की यह पहल आने वाले समय में थानों के मालखाना प्रबंधन को और ज्यादा व्यवस्थित करने की दिशा में अहम साबित हो सकती है।

मुंगेली पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी पुलिस कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और जवाबदेह पुलिसिंग उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

मतलब साफ है—अब मालखाने में जब्त सामान सिर्फ एक नंबर बनकर रजिस्टर में दर्ज नहीं रहेगा; उसकी अपनी डिजिटल पहचान होगी और यूनिक बारकोड उसकी पहचान से लेकर ट्रैकिंग तक का जरिया बनेगा।

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SURENDRA MISHRA

एक समर्पित पत्रकार के रूप में वे जनता तक सच्ची और निष्पक्ष खबर पहुँचाने के लिए लगातार जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग करते हैं।

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