CG Crime News:-दुष्कर्म मामले में सौदेबाजी एक और गिरफ्तारी, कथित पत्रकार, भाजपा-कांग्रेस नेताओं समेत कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार, अब सौदेबाजी कांड का 8वां आरोपी भी गिरफ्तार

CG Crime News: सिलयारी क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के चर्चित मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। मामले को रफा-दफा करने के लिए कथित तौर पर हुई सौदेबाजी की जांच के दौरान पुलिस ने आठवें आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भूषण यादव उर्फ चबन्नी के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि वह समझौते और लेन-देन की पूरी साजिश में शामिल था।

रायपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के बहुचर्चित प्रकरण में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ नए खुलासे सामने आ रहे हैं। मामले को दबाने और समझौता कराने के प्रयासों की परतें खुलने के बाद पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। भूषण यादव उर्फ चबन्नी की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या आठ पहुंच गई है।
इससे पहले पुलिस कथित पत्रकार उस्मान सैफी, एक कांग्रेस नेता, एक भाजपा नेता, दुष्कर्म के दोनों मुख्य आरोपी, पीड़िता के दादा समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं मामले की जांच में लापरवाही सामने आने पर तत्कालीन सिलयारी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र दुबे के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया था।

समझौते की साजिश उजागर होने के बाद तेज हुई कार्रवाई
पुलिस जांच में सामने आया कि दुष्कर्म का मामला उजागर होने के बाद कुछ लोगों द्वारा इसे दबाने और आपसी समझौते के जरिए खत्म करने का प्रयास किया गया था। शुरुआती जांच के दौरान यह मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने जांच की जिम्मेदारी धरसींवा थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान को सौंपी थी। साथ ही तत्कालीन चौकी प्रभारी जितेंद्र दुबे को निलंबित कर दिया गया था।
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले जिनसे संकेत मिला कि मामले को दबाने के लिए बड़ी रकम के लेन-देन की कोशिश की गई थी। पुलिस के मुताबिक इस कथित सौदेबाजी में पीड़िता के दादा, सीताराम मेडिकल स्टोर का संचालक और अन्य लोग भी शामिल पाए गए। इसके बाद पुलिस ने क्रमवार आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी।
भाजपा नेता की भूमिका भी जांच के घेरे में
विवेचना के दौरान पुलिस के सामने ऐसे तथ्य आए जिनमें भाजपा के मंडल मंत्री चंद्रशेखर यदु की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई। आरोप है कि पीड़िता के दादा और अन्य लोगों के बीच समझौते की प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी थी।
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में चंद्रशेखर यदु कथित तौर पर पीड़िता के दादा को 1 लाख 30 हजार रुपये देते हुए दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया तथा पुलिस ने सौदेबाजी से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी।
जांच में लापरवाही पर चौकी प्रभारी पर भी गिरी गाज
इस मामले में केवल आरोपियों पर ही नहीं, बल्कि जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठे थे। प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने के बाद सिलयारी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) में संबद्ध किया गया था।
इसके साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी
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