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CG News: कोयला हेराफेरी पर डिपो सील, 8 वाहन जब्त… लेकिन बड़ा सवाल, खनिज विभाग को इतनी देर तक कुछ दिखा क्यों नहीं?

CG News: बिलासपुर में खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कोयला डिपो को सीलबंद कर दिया है। विभाग का दावा है कि जांच में कोयले की गुणवत्ता में मिलावट, हेरफेर और भंडारण अनुज्ञा की शर्तों के उल्लंघन के तथ्य सामने आए हैं। कार्रवाई के दौरान एक ट्रेलर, एक जेसीबी मशीन, तीन हाइवा और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत कुल आठ वाहन और मशीनें जब्त की गई हैं। लेकिन इस कार्रवाई के साथ ही एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है—यदि अनियमितताएं इतनी गंभीर थीं तो विभागीय निगरानी के बावजूद यह खेल आखिर कब से चल रहा था और इसकी भनक अधिकारियों को पहले क्यों नहीं लगी?

 

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बिलासपुर। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का दावा करने वाले खनिज विभाग ने शनिवार को कई स्थानों पर संयुक्त कार्रवाई की। खनिज अमला बिलासपुर और सकरी पुलिस की टीम ने ग्राम गतौरी में संचालित बालाजी कोल ट्रेडिंग एंड कंस्ट्रक्शन की अस्थायी भंडारण अनुज्ञा का निरीक्षण किया।

 

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि भंडारण अनुज्ञा धारक द्वारा कोयले की गुणवत्ता में कथित रूप से मिलावट और हेरफेर किया गया है। इसके अलावा भंडारण अनुज्ञा की शर्तों के उल्लंघन और अन्य अनियमितताओं के भी संकेत मिले। इसके बाद मौके से एक ट्रेलर वाहन और एक जेसीबी मशीन को जब्त कर लिया गया। दोनों को पुलिस थाना कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है।

 

मौके पर ही डिपो को कर दिया गया सीलबंद

 

खनिज विभाग ने जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए संबंधित भंडारण परिसर को मौके पर ही सीलबंद कर दिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

 

हालांकि यहां सबसे अहम सवाल यह है कि जिस डिपो में अब गुणवत्ता से छेड़छाड़ और अनुज्ञा शर्तों के उल्लंघन की बात कही जा रही है, वहां विभागीय निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था अब तक क्या कर रही थी? क्या यह अनियमितताएं हाल की हैं या लंबे समय से चल रही थीं? यदि लंबे समय से चल रही थीं तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?

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सकरी, कोटा, विजयपुर, दर्री और तखतपुर में भी कार्रवाई

 

खनिज विभाग की टीम ने केवल गतौरी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी। सकरी, कोटा, विजयपुर, दर्री और तखतपुर क्षेत्रों में भी व्यापक जांच अभियान चलाया गया।

 

जांच के दौरान दर्री-विजयपुर क्षेत्र में गिट्टी का परिवहन करते एक हाइवा वाहन को जब्त किया गया। वहीं सकरी क्षेत्र में खनिज रेत का परिवहन करते एक हाइवा और गिट्टी का परिवहन करते एक अन्य हाइवा वाहन पर भी कार्रवाई की गई।

 

अरपा नदी में अवैध उत्खनन करते पकड़े गए ट्रैक्टर

 

बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की सीमा से लगे खोंगसरा क्षेत्र में खनिज अमला बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की संयुक्त टीम ने विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान अरपा नदी क्षेत्र में अवैध रूप से रेत उत्खनन करते तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े गए। मौके पर ही सभी वाहनों को जब्त कर लिया गया।

 

कुल 8 वाहन और मशीनें जब्त

पूरे अभियान के दौरान विभाग ने कुल आठ वाहन और मशीनें जब्त की हैं। इनमें—

 

* 03 हाइवा वाहन

* 03 ट्रैक्टर-ट्रॉली

* 01 ट्रेलर वाहन

* 01 जेसीबी मशीन

शामिल हैं। जब्त वाहनों को कोनी, सकरी, तखतपुर और गौरेला थानों की अभिरक्षा में रखा गया है।

 

कार्रवाई के साथ जवाबदेही का सवाल भी

 

खनिज विभाग का कहना है कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। लेकिन जिस कार्रवाई को विभाग अपनी बड़ी सफलता बता रहा है, उसने निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि भंडारण अनुज्ञा प्राप्त इकाइयों की नियमित जांच, रिकॉर्ड सत्यापन और गुणवत्ता की निगरानी विभागीय जिम्मेदारी का हिस्सा है। ऐसे में यदि अब कोयले में मिलावट, हेरफेर और शर्तों के उल्लंघन की बात सामने आ रही है, तो यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि इन गतिविधियों पर पहले प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पाया।

 

यही वजह है कि कार्रवाई के बाद चर्चा केवल जब्ती और सीलबंदी की नहीं, बल्कि उस सिस्टम की भी हो रही है, जिसकी जिम्मेदारी ऐसे मामलों को समय रहते पकड़ने की थी।

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YASHVANT PANDEY

समाचार रिपोर्टर के रूप में उनका उद्देश्य समाज की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर प्रशासन तक पहुँचाना है।

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