
CG Crime News: बिलासपुर में कोयले की गुणवत्ता से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। कोल वॉशरी के लिए भेजे गए उच्च गुणवत्ता वाले एफ-जी ग्रेड कोयले की जगह मिलावटी और निम्न स्तर का कोयला सप्लाई किए जाने का मामला सामने आया है। कोयले की लैब जांच में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद पुलिस हरकत में आई और कार्रवाई करते हुए डिपो संचालक, मैनेजर, ट्रेलर मालिक और तीन चालकों सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
बिलासपुर।औद्योगिक इकाइयों को सप्लाई किए जाने वाले कोयले में मिलावट का संगठित खेल उजागर हुआ है। सकरी थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में आरोप है कि खदान से निकले उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की चोरी कर उसमें निम्न स्तर का कोयला मिलाया गया और फिर उसे वॉशरी तक पहुंचाया गया। गुणवत्ता परीक्षण में कोयला मानकों पर खरा नहीं उतरा, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई।
पढ़िए क्या है पूरा मामला?
लोखंडी स्थित भाटिया कोल वॉशरी के मैनेजर आर.के. पाण्डेय ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि दीपका कोल माइंस से एफ-जी ग्रेड का कोयला भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड के लिए मंगवाया गया था। 10 जून की सुबह तीन ट्रेलरों में कोयला प्लांट पहुंचा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत कोयले के नमूनों की लैब में जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट में गुणवत्ता मानक से कम पाई गई। इसके बाद ट्रेलर चालकों से पूछताछ शुरू की गई।
एफ ग्रेड कोयले की जगह पहुंचा मिलावटी माल
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि खदान से लाए गए उच्च गुणवत्ता वाले कोयले के साथ छेड़छाड़ की गई थी। आरोप है कि एफ ग्रेड कोयले का हिस्सा निकालकर उसकी जगह घटिया कोयला मिला दिया गया और फिर उसे प्लांट तक भेजा गया। पुलिस जांच में बालाजी कोल डिपो से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया।
एसएसपी के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने सकरी पुलिस, एसीसीयू और खनिज विभाग की संयुक्त टीम बनाकर जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी और पूरे नेटवर्क से जुड़े छह लोगों को हिरासत में लिया।
लैब टेस्ट ने खोली पूरी पोल
प्लांट में कोयला पहुंचने के बाद गुणवत्ता परीक्षण कराया गया था। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि सप्लाई किया गया कोयला निर्धारित एफ-जी ग्रेड का नहीं है। इसके बाद ट्रेलर चालकों और संबंधित लोगों से पूछताछ की गई। पूछताछ और प्रारंभिक जांच में कोयले की चोरी तथा मिलावट की पुष्टि होने पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया।
इन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रेलर चालक आशिक हुसैन अंसारी (23), फैजान रजा अंसारी (23) और फुजैल अंसारी (28) निवासी ग्राम मडवनिया, थाना रमगांव, जिला गढ़वा (झारखंड) को गिरफ्तार किया। इसके अलावा गौरव राजपूत (28) निवासी पारा, रतनपुर कोल डिपो मैनेजर, सीबु खान (29) निवासी खंडोबा मंदिर के पास, रतनपुर (ट्रेलर मालिक) तथा दिलीप कुमार यादव (36) निवासी सेक्टर-6 भिलाई (कोल डिपो संचालक) को भी गिरफ्तार किया गया है।
कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इस पूरे खेल में कई स्तरों पर समन्वित तरीके से काम किया जा रहा था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कोयले की चोरी और मिलावट का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इससे पहले कितनी बार इसी तरह की सप्लाई की जा चुकी है। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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