CG Crime News: मौत का रहस्य गहराया… खर्वे गांव में कब्र से निकाले जा रहे 7 शव, जहरीली शराब या जहर देकर हत्या? जांच में जुटा प्रशासन

CG Crime News: बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में पिछले कुछ महीनों के दौरान हुई संदिग्ध मौतों के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। शराब पीने के बाद जान गंवाने वाले ग्रामीणों की मौत जहरीली शराब से हुई थी या फिर किसी ने शराब में जहर मिलाकर उन्हें निशाना बनाया, इसका पता लगाने के लिए प्रशासन ने दफनाए गए शवों को कब्र से निकालकर दोबारा जांच कराने का फैसला किया है। पुलिस और राजस्व विभाग की निगरानी में सात शवों को कब्र से बाहर निकाला जा रहा है। पूरे गांव का माहौल गमगीन है और श्मशान घाट पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं, जबकि गांव की गलियां लगभग सूनी दिखाई दे रही हैं।
बलौदाबाजार। खर्वे गांव में लगातार हो रही मौतों को लेकर ग्रामीणों के बीच लंबे समय से तरह-तरह की आशंकाएं बनी हुई थीं। किसी ने जहरीली शराब को वजह बताया तो कुछ लोगों ने शराब में जहर मिलाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए थाने पहुंचकर शिकायत भी दर्ज कराई थी।
ग्रामीणों द्वारा गांव के ही एक व्यक्ति पर शराब में जहर मिलाने की आशंका जताए जाने और मौतों को लेकर बढ़ते सवालों के बीच जिला प्रशासन तथा पुलिस विभाग ने मृतकों के शवों का दोबारा पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया। इसी प्रक्रिया के तहत दो दिन पहले एक मृतक का शव कब्र से निकाला गया था। मंगलवार को पुलिस, राजस्व अधिकारियों और फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में गांव में दफन अन्य सात शवों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की गई। शवों को बाहर निकालने के बाद चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा। मौके पर एसडीओपी, फोरेंसिक विशेषज्ञ और पुलिस बल तैनात है। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी श्मशान घाट में मौजूद हैं और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

14 मई की घटना के बाद गहराया संदेह
ग्रामीणों का कहना है कि 14 मई को हुई एक घटना के बाद उनके मन में कई सवाल खड़े हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक उस दिन प्रमोद नामक व्यक्ति शराब लेकर गांव की एक दुकान पर पहुंचा था। बताया जाता है कि शराब की बोतल कुछ समय के लिए दुकान के अंदर रखी गई और कुछ मिनट बाद वापस कर दी गई। इसके बाद प्रमोद वह बोतल लेकर घर पहुंचा और शराब कार्तिक मांझी को दे दी।

ग्रामीणों का दावा है कि कार्तिक ने जैसे ही शराब के दो घूंट पिए, उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोशी जैसी हालत में पहुंच गया। इस घटना के बाद गांव के लोगों को संदेह हुआ कि मामला केवल जहरीली शराब का नहीं, बल्कि शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट का भी हो सकता है।
शराब पीने के बाद इन ग्रामीणों की हुई मौत
गांव में अलग-अलग समय पर शराब सेवन के बाद जिन लोगों की मौत हुई, उनमें शामिल हैं—
* बद्री पटेल — 6 फरवरी
* बुटालू साहू — 20 फरवरी
* बुधराम जायसवाल — 12 मार्च
* छत्तूराम साहू — 20 मार्च
* विनोद साहू — 31 मार्च
* गजानंद मांझी — 28 अप्रैल
* चैतूराम साहू — 29 अप्रैल
* महेतरु साहू — 14 मई
आठ मौतों ने गांव में फैला दी दहशत
लगातार अलग-अलग महीनों में हुई आठ ग्रामीणों की मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। मृतकों के परिजनों के साथ-साथ अन्य ग्रामीणों में भी भय और अनिश्चितता का माहौल है। खास बात यह है कि दो ग्रामीणों की मौत लगातार दो दिनों के भीतर हुई थी, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई।
ग्रामीणों का कहना है कि मई महीने में महेतरु साहू की मौत और उसके बाद शराब पीने के बाद कार्तिक मांझी की बिगड़ती हालत ने उन्हें मामले की गंभीरता का एहसास कराया। इसके बाद गांव के लोग एकजुट होकर थाने पहुंचे और पूरे मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौतों के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।
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