
CG Crime News:- बिलासपुर जिले के रतनपुर में चलती बस को अपना निशाना बनाकर झपटमारी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। 7 महिलाओं समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 8 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी पहले भी उठाईगिरी और झपटमारी के मामलों में जेल जा चुके हैं। मामले में संगठित अपराध की धारा के तहत कार्रवाई की गई है।
बिलासपुर। बस में सफर कर रहे हैं तो जरा संभलकर। क्योंकि भीड़ में होने वाली मामूली धक्का-मुक्की हमेशा मामूली नहीं होती। रतनपुर में एक महिला के साथ ऐसा ही हुआ। कुछ महिलाएं बस में चढ़ीं, भीड़ के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई और कुछ देर बाद जब बस खाली हुई तो महिला के गले से सोने की चेन गायब थी।
मामला पुलिस तक पहुंचा तो रतनपुर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस ने 7 महिलाओं और 2 पुरुषों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं गिरोह की एक अन्य महिला आरोपी की तलाश जारी है।
0 बस में चढ़ीं महिलाएं, शुरू हुई धक्का-मुक्की
मामला 2 अगस्त 2026 का है। बांकीमोंगरा निवासी भगवान राम प्रधान अपनी पत्नी गीता प्रधान के साथ बिलासपुर आए थे। काम खत्म करने के बाद दोनों ने घर लौटने के लिए नेहरू चौक बिलासपुर से बस पकड़ी।
गीता प्रधान ने गले में सोने की चेन पहन रखी थी। महामाया चौक बिलासपुर के पास कुछ महिलाएं भी उसी बस में सवार हुईं। भीड़ के कारण भगवान राम और उनकी पत्नी को सीट नहीं मिली और दोनों खड़े होकर सफर करने लगे।
आरोप है कि बस में सवार महिलाओं ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी और गीता प्रधान को घेरकर दबा दिया।
इसके बाद महिलाएं शनिचरी चौक रतनपुर के पास बस से उतर गईं।
0 बस खाली हुई तो पता चला, गले की चेन गायब है
शनिचरी चौक के बाद जब बस खाली हुई और भगवान राम व उनकी पत्नी को बैठने के लिए सीट मिली, तब गीता प्रधान ने अपने गले पर हाथ लगाया।
चेन गायब थी।
उन्हें समझते देर नहीं लगी कि भीड़ के दौरान हुई धक्का-मुक्की के बीच किसी ने गले से चेन झपट ली है।
भगवान राम ने मामले की रिपोर्ट 11 अगस्त 2026 को थाना रतनपुर में दर्ज कराई।
0 CCTV ने खोला राज, कोनकोना तक पहुंची पुलिस
मामला गंभीर होने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर रतनपुर पुलिस ने शनिचरी चौक रतनपुर और महामाया चौक बिलासपुर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
फुटेज में नजर आ रही महिलाओं की पहचान कोनकोना, थाना बांगो, जिला कोरबा निवासी के रूप में हुई।
इसके बाद रतनपुर पुलिस टीम ने कोनकोना में घेराबंदी कर 7 महिलाओं और 2 पुरुषों को पकड़ लिया।
0 पूछताछ में खुली पूरी कहानी
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सभी एक राय होकर बस में सवार महिला के गले में पहनी चेन झपटने की नीयत से उसके साथ धक्का-मुक्की करने लगे थे।
मौका मिलते ही महिला के गले से चेन चोरी कर ली गई।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने यह भी बताया कि चेन को 20 हजार रुपये में उनके ग्रुप की एक अन्य महिला सुरतनी गिरी, निवासी रामनगर, थाना कुसमी को बेच दिया गया।
पुलिस के मुताबिक इस रकम में से 12 हजार रुपये खर्च किए जा चुके थे। आरोपियों के कब्जे से 8 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।
0 गिरफ्तार आरोपी पहले भी जा चुके हैं जेल
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का यह पहला मामला नहीं है। आरोपी पहले भी उठाईगिरी और झपटमारी के मामलों में जेल जा चुके हैं।
यानी बस में धक्का-मुक्की कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि पुलिस के मुताबिक यह एक संगठित तरीके से वारदात को अंजाम देने वाला गिरोह है। इसी आधार पर मामले में संगठित अपराध की धारा के तहत कार्रवाई की गई है।
0 ये हैं गिरफ्तार आरोपी
रतनपुर पुलिस ने जिन 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें—
1. अंजली गिरी, पति मनोज गिरी गोस्वामी, उम्र 25 वर्ष
2. लोहारिन बाई, पति हरिनाथ उर्फ खिरू गिरी गोस्वामी, उम्र 50 वर्ष
3. सुनीता गिरी, पति स्व. बलबीर गिरी गोस्वामी, उम्र 30 वर्ष
4. रामबाई, पति हरिनाथ उर्फ खिरू गिरी गोस्वामी, उम्र 40 वर्ष
5. प्रीति गिरी, पति नरेश गिरी, उम्र 30 वर्ष
6. शिवानी, पति राकेश गिरी गोस्वामी, उम्र 20 वर्ष
7. देवी गिरी, पति राम गिरी गोस्वामी, उम्र 20 वर्ष
8. नरेश गिरी, पिता सुखराम गिरी गोस्वामी, उम्र 35 वर्ष
9. राम गिरी, पिता ओप्रकाश गिरी गोस्वामी, उम्र 20 वर्ष
सभी आरोपी कोनकोना ठिहईभाठा, थाना बांगो, जिला कोरबा के निवासी बताए गए हैं।
0 8 हजार रुपये जब्त, फरार आरोपी की तलाश
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 8 हजार रुपये जब्त किए हैं। सभी 9 आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
वहीं मामले में शामिल बताई जा रही सुरतनी गिरी, निवासी रामनगर थाना कुसमी की तलाश की जा रही है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
0 इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय, प्रधान आरक्षक बलदेव सिंह, आरक्षक अखिलेश पारकर, मोरध्वज चन्द्रा और महिला आरक्षक अंजेला खलखो का विशेष योगदान रहा।
रतनपुर पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि भीड़भाड़ वाली बसों में होने वाली धक्का-मुक्की को नजरअंदाज करना कितना भारी पड़ सकता है। यहां धक्का-मुक्की महज धक्का-मुक्की नहीं थी, बल्कि पुलिस के मुताबिक चेन झपटने की पूरी योजना का हिस्सा थी।

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