CG Cyber Crime:-कैसे साइबर ठग करते हैं जेब खाली? ,SSP रजनेश सिंह ने VIDEO जारी कर खोला साइबर ठगों का खेल, युवाओं को किया सचेत—आप भी अनजान लोगों से रहें दूर, देखें VIDEO

CG Cyber Crime News:- सोशशल मीडिया की दोस्ती कहीं ठगी का जाल न बन जाए! एसएसपी रजनेश सिंह ने युवाओं को फर्जी प्रोफाइल, अनजान लिंक, OTP और ऑनलाइन लालच से बचने की हिदायत दी। पुलिस ने साफ कहा—अनजान से दोस्ती में सावधानी रखें, क्योंकि साइबर ठग पहले भरोसा जीतते हैं और फिर जेब खाली करते हैं।
बिलासपुर। साइबर अपराधियों के बदलते तौर-तरीकों के बीच बिलासपुर पुलिस ने युवाओं और विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने का संदेश दिया है। साइबर जागृति अभियान के तहत एसएसपी रजनेश सिंह ने युवाओं को खास तौर पर आगाह करते हुए कहा कि इंटरनेट मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना और निजी जानकारी साझा करना भारी पड़ सकता है। साइबर ठग पहले भरोसा जीतते हैं और फिर उसी भरोसे को ठगी का हथियार बना लेते हैं।
पहले दोस्ती, फिर भरोसा और उसके बाद ठगी
एसएसपी ने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर युवाओं और विद्यार्थियों से संपर्क करते हैं। शुरुआत सामान्य बातचीत और दोस्ती से होती है। धीरे–धीरे वे भरोसा कायम करते हैं और इसके बाद मोबाइल नंबर, ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी या निजी दस्तावेज हासिल करने की कोशिश करते हैं।
कई मामलों में ठग नौकरी, ऑनलाइन गेम, निवेश में भारी मुनाफा, इनाम या आकर्षक ऑफर का लालच देकर भी लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर मिले किसी भी ऑफर पर तत्काल भरोसा करने के बजाय उसकी सत्यता जांचना जरूरी है।
अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट और वीडियो कॉल से रहें सावधान
पुलिस ने युवाओं से कहा है कि सोशल मीडिया पर आने वाली हर फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करना जरूरी नहीं है। अनजान लोगों के मैसेज, वीडियो कॉल और भेजे गए लिंक को लेकर विशेष सावधानी बरतें। किसी व्यक्ति से लंबे समय तक बातचीत होने के बाद भी उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
अपनी निजी फोटो, मोबाइल नंबर, पता, दस्तावेज और अन्य संवेदनशील जानकारी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक न करें। संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल परिजन अथवा पुलिस को जानकारी दें।
OTP और पासवर्ड की सुरक्षा सबसे जरूरी
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि ओटीपी, पासवर्ड, बैंक अकाउंट, एटीएम या क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति को नहीं देनी चाहिए। ठग कई बार खुद को बैंक अधिकारी, कंपनी कर्मचारी अथवा परिचित बताकर गोपनीय जानकारी मांगते हैं।
किसी भी परिस्थिति में फोन पर आया ओटीपी दूसरे व्यक्ति को न बताएं और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। किसी ऑफर, नौकरी या इनाम के नाम पर पैसे मांगे जाएं तो पहले उसकी वास्तविकता जांचें।
लालच और जल्दबाजी से बचना ही सबसे बड़ी सुरक्षा
साइबर ठग लोगों को जल्द निर्णय लेने के लिए दबाव बनाते हैं। कभी भारी मुनाफे का लालच दिया जाता है तो कभी नौकरी, इनाम या ऑनलाइन गेम के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। पुलिस ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी भी लालच या दबाव में आकर तुरंत आर्थिक लेन–देन न करें।
सोशल मीडिया से मिले लिंक या वेबसाइट की विश्वसनीयता जांचे बिना कोई जानकारी दर्ज न करें। यदि कोई व्यक्ति धमकी, लालच या दबाव बनाकर पैसे अथवा निजी जानकारी मांगता है तो इसकी जानकारी तत्काल परिजन और पुलिस को दें।
एसएसपी का संदेश—सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि साइबर अपराध होने के बाद पछताने से बेहतर है कि पहले से सावधानी बरती जाए। विद्यार्थियों और युवाओं से खुद जागरूक रहने के साथ–साथ अपने परिवार और दोस्तों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
डिजिटल प्लेटफॉर्म सुविधा का माध्यम है, लेकिन एक छोटी–सी लापरवाही आर्थिक नुकसान के साथ निजी जानकारी के दुरुपयोग का कारण बन सकती है। बिलासपुर पुलिस का संदेश साफ है—अनजान से दूरी, गोपनीय जानकारी की सुरक्षा और किसी भी लालच में जल्दबाजी नहीं; यही साइबर ठगों से बचने का सबसे मजबूत तरीका है।

Live Cricket Info
