CG News:- बरसते पानी में BMS का शक्ति प्रदर्शन, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर निकली रैली; तहसीलदार को सौंपा मांग पत्र

जांजगीर–चांपा। बारिश तेज थी, लेकिन कर्मचारियों और श्रमिकों के कदम नहीं रुके। भारतीय मजदूर संघ (BMS) के राष्ट्रीय आह्वान पर जांजगीर–चांपा में कर्मचारी संगठनों ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर रैली निकाली। ‘बीएमएस जिंदाबाद’ के नारों के बीच कार्यकर्ता तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार शशिकांत सोनी के माध्यम से प्रधानमंत्री, श्रम मंत्री और वित्त मंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा।
बारिश के बीच निकली रैली, मांगों पर गरजे कर्मचारी
प्रदर्शन में राज्य कर्मचारी संघ, प्रधानपाठक मंच, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, समग्र शिक्षा फेडरेशन सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। रैली के दौरान कर्मचारी अपनी लंबित मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए आगे बढ़े।
कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के प्रभारी एवं असंगठित क्षेत्र के सह प्रभारी गिरिजा शंकर आचार्य विशेष वक्ता के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने ‘समान काम, समान वेतन’ लागू करने के साथ आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मध्यान्ह भोजन कार्यकर्ता और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित सभी योजना कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग उठाई।
EPS-95 पेंशन से लेकर पुरानी पेंशन तक 12 मांगें
बीएमएस ने केंद्र सरकार के सामने कर्मचारियों और श्रमिकों से जुड़ी 12 प्रमुख मांगें रखीं। इनमें EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये करने, इसे महंगाई राहत और आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की मांग शामिल है।
संगठन ने कर्मचारी राज्य बीमा की सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये तथा कर्मचारी भविष्य निधि की सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग भी रखी।
बोनस, न्यूनतम वेतन और संविदा कर्मचारियों का मुद्दा भी उठा
बीएमएस ने नए श्रम कानून के अनुसार पूरे वेतन पर बोनस घोषित करने और बोनस की गणना सीमा 7,000 रुपये से बढ़ाने की मांग की। इसके साथ ही ड्यूटी की गणना 15 दिन के वेतन के बजाय 30 दिन के वेतन के आधार पर करने और महंगाई के अनुरूप न्यूनतम वेतन का पुनर्निर्धारण करने की मांग की गई।
आंगनबाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन और एनएचएम सहित योजना कर्मियों का मानदेय बढ़ाने, सभी संविदा कर्मचारियों के लिए समान काम–समान वेतन लागू करने तथा वेतन में अनियमितता करने वाले ठेकेदारों और मानव संसाधन एजेंसियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।
पांच दिन बैंकिंग, खाली पद भरने और पुरानी पेंशन की मांग
बीएमएस ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, सरकारी सेवाओं में रिक्त पदों को भरने, भारतीय श्रम सम्मेलन आयोजित करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी।
रैली के बाद कर्मचारी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार शशिकांत सोनी को मांग पत्र सौंपा और केंद्र सरकार से मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन दिल्ली तक ले जाने की चेतावनी
बीएमएस पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों और श्रमिकों की समस्याओं का समाधान लंबे समय से लंबित है। यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश से लेकर दिल्ली तक आगे बढ़ाया जाएगा।
ये पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में पुष्पराज सिंह चंदेल, जयंत सिंह क्षत्रीय, अनुभव तिवारी, प्रमोद कुर्रे, संजय चौहान, संगीता रात्रे, रंजना टंडन, सुमन बर्मन, संगीता निषाद, संतोषी साहू, कालिंद्री साहू, दोलेश्वर लहरे, इंद्रकुमार, नरेंद्र सिंह चंदेल (हलधर), रामशरण सिंगसर्वा, ओमप्रकाश राठौर, अश्विनी पटेल, कृष्णकुमार यादव, लक्ष्मण रात्रे, रमाकांत परोहा, उपेंद्र धीवर, शम्मीसागर माहेश्वरी, अमित धीवर, अरविंद भारद्वाज, दिलीप तिवारी, विष्णु पटेल, विवेक सिंह चंदेल, पवन साहू, डीआर भारते, गीता कौशिक, वीरेंद्र शांडिल्य, विश्वनाथ अघरिया, संतोष साहू, सुखदेव टंडन, सुरेंद्र नोर्गे, दिलीप साहू, रूपेश शुक्ला, केएल श्रीवास्तव, इदरीश मोहम्मद, दिनेश साहू, प्रमोद निर्मलकर, पुरुषोत्तम साहू, सतीशचंद्र भैना, अविनाश खंडेल, जागेश्वर प्रधान, बीएल सिदार, अभिमन्यु, जगन्नाथ, रामशंकर जगत, प्रवीण तिवारी, संजय कोरी, आसाराम और विद्याभूषण सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Live Cricket Info


