आयोजनछत्तीसगढ़बिलासपुरराज्य एवं शहर

CG News:- नागपंचमी पर मानस मंडलियों को रामचरित मानस का वितरण, गांव-गांव ‘सवनाही’ परंपरा को फिर जीवंत करने का संकल्प

कोटा। सावन का महीनामंदिरों में गूंजते भोलेनाथ के जयकारेकांवड़ियों की पदयात्रा और जगहजगह चल रहा रामचरित मानस का पाठ। इसी धार्मिक माहौल के बीच कोटा क्षेत्र में वर्षों पुरानीसवनाहीकी परंपरा को फिर से जीवंत करने की पहल की जा रही है।

पूर्व जनपद अध्यक्ष कोटा संदीप शुक्ला की ओर से क्षेत्र की विभिन्न मानस मंडलियों को रामचरित मानस की प्रतियां वितरित की जा रही हैं। उद्देश्य सिर्फ धार्मिक ग्रंथ बांटना नहीं, बल्कि गांवों में धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही सामूहिक मानस पाठ और गायन की परंपरा को फिर से लोगों के बीच लाना है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

मोबाइल के दौर में गांवों की पुरानी परंपरा बचाने की कोशिश

संदीप शुक्ला ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में सावन के दौरान भगवान श्रीराम की रामचरित मानस का सामूहिक पाठ और गायन करने की वर्षों पुरानी परंपरा रही है, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘सवनाही’ कहा जाता है।

उनका कहना है कि आधुनिक जीवनशैली और मोबाइल के बढ़ते प्रभाव के कारण यह परंपरा धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। ऐसे में गांव-गांव मानस मंडलियों को रामचरित मानस उपलब्ध कराकर इस धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को फिर से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

नागपंचमी पर दलहा बाबा मंदिर में धार्मिक आयोजन

सावन के तीसरे सोमवार को ग्राम पंचायत नवागांव सलका स्थित प्रसिद्ध दलहा बाबा मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन हुआ। पूरे सावन माह यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ रामचरित मानस का पाठ किया जा रहा है।

  BREAKING NEWS:पंडरिया ब्लॉक में 3.36 करोड़ रुपए मूल्य का धान गायब, तीन उपार्जन केंद्रों पर अनियमितता उजागर

नागपंचमी के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं ने रुद्राभिषेक किया। इसी दौरान अमाली, नवागांव, बिलिबंद, झोंकापारा, लमेरपारा, डोंगरीपारा, पोंडी, गड्ढापारा, डबरीपारा, परसदा, श्रीपारा और सलका की मानस मंडलियों को रामचरित मानस वितरित की गई।

रामचरित मानस का वितरण मंदिर के पुजारी पंडित राधेश्याम महाराज, मोहन श्रीवास और संदीप शुक्ला के कर-कमलों से किया गया। ग्रंथ मिलने के बाद मानस मंडलियों के सदस्यों में उत्साह और खुशी का माहौल रहा।

तुलसी मानस सम्मान की पुरानी परंपरा का भी जिक्र

मंदिर के पुजारी पंडित राधेश्याम महाराज ने श्रद्धालुओं और मानस मंडलियों को सावन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोटा के पूर्व विधायक एवं मंत्री रहे स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद शुक्ला के कार्यकाल में प्रदेशभर में तुलसी मानस सम्मान जैसे आयोजन किए जाते थे।

उन्होंने कहा कि उसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने की कोशिश सराहनीय है। रामचरित मानस का प्रचार-प्रसार और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना सनातन संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण है।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल

कार्यक्रम में अफजल खान, हैप्पी गुप्ता, विकास देवांगन, जय गुप्ता, दुर्गेश सिंह, राजकुमार सिंह, पवन आर्मो, प्रेम श्रीवास, ओमप्रकाश यादव, प्रेम यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और मानस मंडलियों के सदस्य मौजूद रहे।

सावन के इस धार्मिक माहौल में रामचरित मानस का वितरण गांवों की उस सामूहिक परंपरा की याद भी दिलाता है, जहां शाम ढलते ही चौपालों और मंदिरों में मानस की चौपाइयां गूंजा करती थीं।

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

SURENDRA MISHRA

एक समर्पित पत्रकार के रूप में वे जनता तक सच्ची और निष्पक्ष खबर पहुँचाने के लिए लगातार जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग करते हैं।

Related Articles

Back to top button