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CG Housing Fund Fraud Case:– गरीबों की आवास राशि 79 लाख रुपए का गबन करने वाले कियोस्क संचालक के खिलाफ 3000 पेज का चालान पेश

CG Housing Fund Fraud Case:– दुर्गम ग्रामीण अंचलों के गरीब भोले– भाले लोगों के भरोसा के साथ खिलवाड़ करते हुए उसका नाजायज फायदा उठाकर फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर सिस्टम की कुछ खामियों का फायदा उठाकर इंदिरा आवास योजना अंतर्गत प्राप्त 79 लाख रुपए के सहायता राशि का गबन करने वाले कियोस्क संचालक के खिलाफ जांच के बाद ईओडब्लू ने तीन हजार पेज का चालान पेश किया है।

Korba कोरबा। ईओडब्लू ने गरीबों की आवास राशि गबन प्रकरण में 79 लाख रुपए का गबन करने वाले कियोस्क संचालक के खिलाफ 3000 पेज का चालान पेश किया है।। आरोपी ने इंदिरा आवास योजना अंतर्गत प्राप्त सहायता राशि के हितग्राहियों के निष्क्रिय खातों के माध्यम से बैंक स्टाफ की आईडी का दुरुपयोग कर 79 लाख रुपए का गबन कर लिया था।

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राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो एवं एन्टी करप्शन ब्यूरो, रायपुर के अपराध क्रमांक 20/2018 में आरोपी गौरव शुक्ला (कियोस्क संचालक), निवासी नंदबाग रूमगरा, जिला कोरबा के विरूद्ध भा.द.वि. की धारा 420, 421, 409, 120 (बी) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (यथा संशोधित 2018) की धारा 7 (सी), 13 (1) (ए) के अंतर्गत माननीय विशेष न्यायाधीश, न्यायालय कोरबा (छ.ग.) में आज 6 जुलाई को लगभग 3000 पेज का अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

आरोपी गौरव शुक्ला बैंक ऑफ इंडिया, शाखा कोरबा में कियोस्क संचालक के रूप में कार्यरत था। इसने इंदिरा आवास योजना अंतर्गत प्राप्त सहायता राशि के हितग्राहियों के खातों जिनमें अधिकांश खाते निष्क्रिय थे, को बैंक कर्मचारियों की स्टाफ आई.डी. का दुरुपयोग करते हुए सक्रिय कराया और हितग्राहियों के आधार कार्ड को अपने स्वयं के, अपने पिता, माता, पत्नी एवं पुत्र के आधार नंबरों से सीड किया। इस प्रकार AEPS (Aadhaar Enabled Payment System) के माध्यम से आरोपी के बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से हितग्राहियों की राशि सीधे आरोपी के खातों में स्थानांतरित होती रही।

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वर्ष 2017 में Finacle सॉफ्टवेयर सिस्टम की कुछ खामियों का फायदा उठाया (1) बिना आधार लिंकिंग सत्यापन के ट्रांजेक्शन किया जा सकता था (2) ऑटो लॉगआउट का फीचर न होना। इन्हीं खामियों एवं लंबे समय से बैंक में बैंकिंग करेस्पॉन्डेंट का कार्य करने के कारण गौरव शुक्ला ने बैंक कर्मियों के सिस्टम का गलत तरीके से उपयोग करते हुए, उनकी अनुपस्थिति या अन्य कार्य का हवाला देते हुए, लंबे समय से बंद पड़े डॉर्मेंट खातों को सक्रिय किया और इन्हीं खातों में अपने व अपने रिश्तेदारों का आधार लिंक कर अपने खाते में राशि स्थानांतरित की तथा आधार सीडिंग का कार्य कुल 09 स्टाफ यूजर आई.डी. के माध्यम से 426 खातों के 620 प्रविष्टियों में किया गया। इनमें से अधिकांश प्रविष्टियाँ बिना भौतिक आधार प्रति के सत्यापन के दर्ज की गईं तथा कुछ प्रविष्टियाँ Finacle System एवं Kiosk Operator ID से भी की गई हैं।

विवेचना में पाया गया कि गरीबों के आवास के लिए आने वाली इंदिरा आवास योजना अंतर्गत राशि जो कोरबा जिले के विभिन्न ग्रामों के लिए वर्ष 2010-11 में किश्तें आई थीं उसी राशि को वर्ष 2017 में अपने खाते में स्थानांतरित कर गबन किया। कोरबा के दुर्गम ग्रामीण अंचलों के भोले-भाले लोगों के भरोसे के साथ खिलवाड़ करते हुए और उसका नाजायज फायदा उठाते हुए आरोपी गौरव शुक्ला द्वारा उनके हक के 79 लाख रुपये का गबन किया गया। इस तरह आरोपी के विरूद्ध साक्ष्य सबूत पाये जाने पर माननीय विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.) कोरबा में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

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Kanha Tiwari

छत्तीसगढ़ के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से लोक जन-आवाज को सशक्त बनाते हुए पत्रकारिता की अगुआई की है।

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