CG News:- पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ NDPS आरोपी, धमतरी SP का बड़ा एक्शन… ASI समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

CG News:- एनडीपीएस एक्ट के एक आरोपी के पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के मामले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। घटना को गंभीर मानते हुए एसपी सूरज सिंह परिहार ने बिना देर किए बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के आरोप में एक एएसआई समेत चार पुलिस अधिकारी–कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
Dhamtari धमतरी। मामला थाना सिहावा में दर्ज एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) से जुड़ा है। पुलिस ने इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों को 11 जून 2026 को मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरी ले जाने की प्रक्रिया शुरू की थी। आरोपियों को सुरक्षा घेरे में लेकर थाना सिहावा में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक सोनचंद डहरिया, आरक्षक अजय नेताम, डीएसएफ आरक्षक हिमेश नेताम और महिला आरक्षक डिगेश्वरी साहू अस्पताल पहुंचे थे।
लेकिन मेडिकल परीक्षण के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने पूरे विभाग को सवालों के घेरे में ला दिया। गिरफ्तार आरोपी पलाश गजभिए (32 वर्ष), निवासी कचूरवाही, थाना आरोली, तहसील रामटेक, जिला नागपुर (महाराष्ट्र), पुलिस अभिरक्षा से चकमा देकर फरार हो गया।
आरोपी के भागने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। फरार आरोपी के खिलाफ अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 262 के तहत एक और अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।

लापरवाही पड़ी भारी, SP ने दिखाई सख्ती
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने पूरे मामले की समीक्षा की। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक हुई है तथा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का समुचित पालन नहीं किया गया।
कर्तव्य के प्रति उदासीनता और लापरवाही को गंभीर मानते हुए एसपी ने सहायक उप निरीक्षक सोनचंद डहरिया, आरक्षक अजय नेताम, डीएसएफ आरक्षक हिमेश नेताम और महिला आरक्षक डिगेश्वरी साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि में धमतरी रहेगा मुख्यालय
जारी आदेश के मुताबिक निलंबन अवधि के दौरान चारों अधिकारी–कर्मचारियों का मुख्यालय रक्षित आरक्षक केंद्र धमतरी निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता एवं अन्य देय भत्ते प्रदान किए जाएंगे।
सबसे बड़ा सवाल…
एनडीपीएस जैसे गंभीर अपराध के आरोपी को अस्पताल परिसर से भागने का मौका आखिर मिला कैसे? क्या सुरक्षा घेरा कमजोर था या निगरानी में कहीं बड़ी चूक हुई? फिलहाल एसपी की कार्रवाई ने यह जरूर साफ कर दिया है कि लापरवाही पर विभाग अब कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है।
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