जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क से ‘ऑपरेशन गोल्ड’ तक: छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के 2 साल बेमिसाल, तीसरे साल की नई तैयारी

बिलासपुर। यह सिर्फ एक संगठन की सालगिरह नहीं है… यह उस सफर की कहानी है, जिसने छत्तीसगढ़ के सराफा कारोबार को एक मंच देने की कोशिश की है।
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने अपने दो साल पूरे कर लिए हैं। और संगठन का दावा है कि इन दो वर्षों में उसने व्यापारियों के हित, सुरक्षा, जागरूकता और संगठन विस्तार के क्षेत्र में कई काम किए हैं। नेतृत्व कर रहे हैं प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी।
बिलासपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस और उपलब्धियों की झलक
बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित राज्य स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन की दो साल की यात्रा को प्रदर्शित किया गया। यहां छायाचित्र प्रदर्शनी लगी… जिसमें सराफा जन–संवाद अभियान, बीआईएस जागरूकता, ऑपरेशन गोल्ड और सबसे चर्चित परियोजना जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क को दिखाया गया।
28 जून को होगा बड़ा महासम्मेलन
अब बारी तीसरे बड़े कदम की है।
28 जून 2026 को बिलासपुर के रामदेव लॉन में प्रदेश स्तरीय सराफा महासम्मेलन और तृतीय आमसभा होने जा रही है। संगठन का दावा है कि इसमें करीब 5000 सराफा व्यापारी शामिल होंगे।
इससे पहले यह आयोजन जगदलपुर और जांजगीर में हो चुका है।
संगठन का विस्तार: 60 से 125 इकाइयों तक
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी बताते हैं कि 2024 की शुरुआत में संगठन की 60 इकाइयाँ थीं… और आज यह संख्या बढ़कर 125 से अधिक हो चुकी है।
लक्ष्य है… 251 इकाइयाँ।
यानी हर सराफा व्यापारी को एक संगठित मंच।
सुरक्षा, जागरूकता और भरोसे की बात
बीते दो वर्षों में संगठन ने बीआईएस हॉलमार्क, ग्राहक जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर जोर दिया है। अपील साफ है—सिर्फ हॉलमार्क वाले आभूषण खरीदें।
‘ऑपरेशन गोल्ड’ पर खास चर्चा
बिलासपुर पुलिस के ‘ऑपरेशन गोल्ड’ को संगठन ने सराहा है।
सरकंडा इलाके में डकैती के बाद 24 घंटे के भीतर हुई गिरफ्तारी को संगठन ने पुलिस-व्यापारी समन्वय की मिसाल बताया। इस मौके पर आईजी रामगोपाल गर्ग, एसएसपी रजनेश सिंह और पूरी पुलिस टीम को सम्मानित किया गया।
सबसे बड़ी उम्मीद: जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क
इस पूरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा… जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क।
संगठन का कहना है कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ के सराफा कारोबार को नई पहचान दे सकती है।
अब नजर धारा 317 पर
28 जून के महासम्मेलन में एक और बड़ा मुद्दा उठेगा—BNS की धारा 317।
संगठन का कहना है कि यह धारा व्यापारियों के लिए व्यवहारिक दिक्कतें पैदा कर रही है, इसलिए इसका सरलीकरण जरूरी है।
आगे की राह
संगठन कहता है कि उसका लक्ष्य सिर्फ विस्तार नहीं… बल्कि सुरक्षा, सुविधा और एक मजबूत व्यापारिक सिस्टम तैयार करना है।
और इसी के साथ सवाल यही है—क्या यह संगठन अपने तीसरे साल में सच में वह ‘नई मिसाल’ बना पाएगा, जिसका दावा किया जा रहा है?
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