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CG News:- दो लोगों का झगड़ा… फिर क्यों सुलगा बिलासपुर? कमेंट से पथराव तक पहुंचा विवाद, TI समेत 6 पुलिसकर्मी घायल धारा 163 लागू, 700 जवान तैनात… सुबह पुलिस का फ्लैग मार्च

Bilaspur News:- दो लोगों का निजी विवाद… और देखते ही देखते शहर का माहौल गर्म! इंटरनेट मीडिया की तल्ख टिप्पणी के बाद भड़की झड़प में पथराव हुआ, आंसू गैस चली और पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। TI समेत छह पुलिसकर्मी घायल हुए। हालात बिगड़ते देख कलेक्टर ने पूरे कोतवाली क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी। रातभर 700 जवानों का पहरा रहा, मुंगेली-जांजगीर से अतिरिक्त बल बुलाया गया और सुबह पुलिस ने फ्लैग मार्च कर साफ कर दिया—शहर की शांति बिगाड़ने वालों पर अब सीधी कार्रवाई होगी।

बिलासपुर। दो लोगों के बीच इंटरनेट मीडिया पर हुई तल्ख टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद शुक्रवार रात बिलासपुर में कानूनव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया। विवाद को सामुदायिक रंग देने की कोशिश के बीच दोनों पक्ष आमनेसामने गए। देखते ही देखते कहासुनी झड़प में और झड़प पथराव में बदल गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा।

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घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह देर रात मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया और पुलिस बल को तत्काल अलर्ट किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने पूरे कोतवाली थाना क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी।
धारा 163 लागू होने के बाद क्षेत्र में जुलूस, धरनाप्रदर्शन और हथियार लेकर निकलने पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि बाजारों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है, यानी आम लोग सामान्य रूप से बाजार जाकर खरीदारी कर सकेंगे।

रातभर सड़क पर रहे अफसर, हर संवेदनशील इलाके पर पुलिस की नजर

हिंसा के बाद पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह समेत प्रशासन और पुलिस के अधिकारी रातभर कोतवाली क्षेत्र में डटे रहे।सिर्फ कोतवाली ही नहीं, बल्कि तालापारा, मगरपारा, मसानगंज समेत शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस की पेट्रोलिंग लगातार चलती रही। स्थिति को देखते हुए शहर में करीब 700 जवानों की ड्यूटी लगाई गई। बाहर से भी अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। मुंगेली और जांजगीर से पुलिस बल मंगाया गया। दूसरी बटालियन के जवानों को भी अलग-अलग संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया। प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई।

सुबह फ्लैग मार्चपुलिस ने दिया साफ संदेश

शुक्रवार रात की हिंसक झड़प के बाद शनिवार सुबह पुलिस ने सड़क पर अपनी मौजूदगी दिखाई। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह पुलिस बल के साथ खपरगंज और सदर बाजार पहुंचे। यहां फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च के जरिए पुलिस ने लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। एसएसपी ने साफ किया कि शहर की शांति बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संभागायुक्त और IG भी पहुंचे कोतवाली

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शनिवार को संभागायुक्त सुनील जैन और IG रामगोपाल गर्ग भी कोतवाली थाने पहुंचे।दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। घटनाक्रम कैसे शुरू हुआ, अब तक क्या कार्रवाई हुई और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं—इन सभी बिंदुओं की समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह भी मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार सतर्क रहने और किसी भी स्थिति से तत्काल निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।

पथराव में तारबाहर TI का सिर फटा, छह पुलिसकर्मी घायल

हिंसा के दौरान पुलिस पर भी पथराव किया गया। पत्थरों की चपेट में तारबाहर थाना प्रभारी रविशंकर तिवारी भी आ गए। उनके सिर में पत्थर लगने से चोट आई और सिर फट गया।
इसके अलावा करीब आधा दर्जन आरक्षकों को भी चोटें आई हैं। अचानक हुए पथराव से मौके पर स्थिति संभालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की कार्रवाई और तेज कर दी।

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कैमरे और मोबाइल वीडियो खंगाल रही पुलिस

अब पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल हैहिंसा में कौनकौन शामिल था और विवाद को सामुदायिक रंग देने की कोशिश किसने की? इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए पुलिस घटना के दौरान बनाए गए वीडियो, इंटरनेट मीडिया पर उपलब्ध फुटेज और अन्य रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

पुलिस संदिग्धों की गतिविधियों और मौके पर उनकी भूमिका का सत्यापन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दोनों पक्षों पर FIR, धाराएं भी गंभीर

विवाद के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अलगअलग मामले दर्ज किए हैं। पहले मामले में BNS की धारा 109(2), 115(2), 190, 191(3), 192, 296, 324(4) और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

वहीं दूसरे मामले में धारा 109(2), 115(2), 190, 191(3), 192, 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक दोनों पक्षों से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलगअलग टीमें बनाई गई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

करीब एक दर्जन लोगों से पूछताछ, नामों पर पुलिस ने साधी चुप्पी

मामले में करीब एक दर्जन लोगों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस ने फिलहाल आरोपितों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि पहले पूरे मामले में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद नाम सामने लाए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
एसएसपी के मुताबिक मूल विवाद दो लोगों के बीच का था, लेकिन इसे सामुदायिक रंग देने का प्रयास किया गया।

सोशल मीडिया की एक टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद, अब पुलिस तलाश रही पूरी कड़ी

पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम कड़ी इंटरनेट मीडिया पर की गई वह तल्ख टिप्पणी है, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि विवाद कैसे बढ़ा और किस स्तर पर इसे सामुदायिक तनाव की दिशा में ले जाने की कोशिश हुई। यानी मामला सिर्फ शुक्रवार रात हुई झड़प तक सीमित नहीं है। पुलिस अब विवाद की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर

घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से इंटरनेट मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने की अपील की है।
अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी संदिग्ध या विवादित सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि पुलिस या प्रशासन से की जाए। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रही है।

फिलहाल बिलासपुर में पुलिस का पहरा बढ़ा हुआ है। धारा 163 लागू है, करीब 700 जवान मैदान में हैं, संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग हो रही है और वीडियो फुटेज से उन चेहरों की तलाश जारी है, जिन्होंने दो लोगों के विवाद को शहर की शांति के लिए चुनौती बनाने की कोशिश की।

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Kanha Tiwari

छत्तीसगढ़ के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से लोक जन-आवाज को सशक्त बनाते हुए पत्रकारिता की अगुआई की है।

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