CG Crime News:– जब एम्बुलेंस ही चोरी का औज़ार बन जाए, अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार, 17.30 लाख की बरामदगी

CG Crime News:– जिस एम्बुलेंस को देखकर लोग रास्ता छोड़ देते हैं, जिस पर भरोसा किया जाता है कि वह किसी की जान बचाने जा रही होगी—उसी एम्बुलेंस का इस्तेमाल अगर चोरी के लिए होने लगे, तो यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि व्यवस्था पर सवाल है। जांजगीर–चांपा पुलिस ने ऐसे ही एक अंतरजिला संगठित चोरी गिरोह का खुलासा किया है, जिसने एम्बुलेंस का भेष धरकर ट्रांसफार्मर और केबल वायर चोरी की कई वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में बिलासपुर जिले के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 17 लाख 30 हजार रुपये का चोरी का सामान जब्त किया है।
Janjgir-Champa जांजगीर–चांपा।शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में लगातार हो रही ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाएं महज़ बिजली की समस्या नहीं थीं, बल्कि यह संकेत थीं कि कहीं न कहीं अपराधी सिस्टम की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि चोरी किसी आम वाहन से नहीं, बल्कि एम्बुलेंस लिखी बोलेरो से की जा रही थी—ताकि न पुलिस रोके, न आम लोग सवाल करें।

पुलिस के मुताबिक 13-14 जनवरी 2026 की रात रोड दुरपा के पास पुराने ट्रांसफार्मर से करीब 230 किलो कॉपर वायर चोरी हुआ। शिकायत कनिष्ठ यंत्री मनोज कुमार सोनी ने दर्ज कराई। इसके कुछ ही दिनों बाद, 22 जनवरी 2026 को लोहर्सी गांव में ट्रांसफार्मर से 200 किलो कॉपर वायर चोरी की दूसरी घटना सामने आई। इन मामलों में थाना शिवरीनारायण में अपराध क्रमांक 21/2026 और 48/2026 धारा 303(2), 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।
SP के निर्देश पर बनी विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी साक्ष्य, मुखबिरों की सूचना और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने रिस्दा गांव निवासी अमर बाबू उर्फ कुंदन वानी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि यह कोई एक–दो दिन की कहानी नहीं, बल्कि संगठित गिरोह द्वारा की जा रही सिलसिलेवार चोरी थी।

रेकी से लेकर बिक्री तक पूरा सिस्टम
आरोपियों ने बताया कि पहले ट्रांसफार्मर और केबल की रेकी होती थी, मोबाइल से फोटो लिए जाते थे, फिर रात के अंधेरे में पिकअप वाहन और एम्बुलेंस लिखी बोलेरो से चोरी की जाती थी। चोरी किया गया कॉपर और एल्युमिनियम वायर कबाड़ में बेच दिया जाता था। सवाल यह है कि जिन सड़कों पर एम्बुलेंस बिना रोके निकल जाती है, क्या वहां जांच की कोई ज़रूरत नहीं समझी जाती?
तीन जिलों में फैला था नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के अनुसार यह गिरोह केवल जांजगीर-चांपा तक सीमित नहीं था। बलौदाबाजार, बिलासपुर और रायगढ़ जिलों में भी इस गिरोह की सक्रियता सामने आई है और अब तक 10 से अधिक चोरी की घटनाओं को अंजाम दिए जाने की पुष्टि हुई है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से ट्रांसफार्मर, कॉपर और एल्युमिनियम वायर, 4 मोबाइल फोन, छोटा हाथी वाहन (CG-10 AS-5452), बोलेरो एम्बुलेंस (CG-10 AT-5255), कटर मशीन, ब्लेड, पाना और पेचकस बरामद किए हैं। रिकॉर्ड बताते हैं कि आरोपियों के खिलाफ पहले से ही बलौदाबाजार–भाटापारा और बिलासपुर के विभिन्न थानों में चोरी के मामले दर्ज हैं। संगठित अपराध पाए जाने पर धारा 111 बीएनएस भी जोड़ी गई है।
इस कार्रवाई में एसडीओपी यदुमणि सिदार के निर्देशन और थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में शिवरीनारायण पुलिस टीम की भूमिका अहम रही। पुलिस इसे तकनीकी विवेचना और सूचना तंत्र की सफलता बता रही है,

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