Bilaspur News:- जनगणना में बिलासपुर की रफ्तार अव्वल, 6 दिनों में 204 ब्लॉक पूरे—तहसील ने अकेले संभाला एक-तिहाई काम

Bilaspur News:- बिलासपुर में जनगणना का काम सिर्फ पूरा नहीं हो रहा… दौड़ रहा है। 6 दिन में 204 ब्लॉक—और इनमें से 69 अकेले बिलासपुर तहसील के खाते में। मतलब साफ है, हर तीसरा ब्लॉक एक ही टीम ने उठाया।कलेक्टर संजय अग्रवाल की लगातार निगरानी और तहसीलदार प्रकाश चंद साहू का जमीनी कंट्रोल—यही वो कॉम्बिनेशन है जिसने इस मुश्किल काम को तेज़ बना दिया। यहां सिस्टम चल नहीं रहा… फुल स्पीड में है।
रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ा बिलासपुर
Bilaspur बिलासपुर। जनगणना जैसे व्यापक और जटिल कार्य में बिलासपुर जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले ने महज 6 दिनों के भीतर 204 ब्लॉकों का कार्य पूर्ण कर प्रदेश में अग्रणी स्थान हासिल किया है।
तहसील स्तर पर सबसे बड़ी भूमिका

जिले की इस उपलब्धि में सबसे महत्वपूर्ण योगदान बिलासपुर तहसील का रहा है।
तहसीलदार प्रकाश चंद साहू के नेतृत्व में तहसील ने अकेले 69 ब्लॉकों का कार्य पूरा किया है, जो जिले की कुल प्रगति का लगभग एक–तिहाई है।
यह आंकड़ा न केवल कार्य की गति को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और प्रभावी समन्वय का भी प्रमाण है।
रणनीति और माइक्रो–मैनेजमेंट बना सफलता का आधार
जनगणना कार्य को तेज़ी से पूरा करने के लिए प्रशासन ने सुविचारित रणनीति अपनाई।
- कार्य को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर स्पष्ट लक्ष्य तय किए गए
- प्रत्येक ब्लॉक की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग सुनिश्चित की गई
- फील्ड स्तर पर प्रगणकों के साथ सतत संवाद बनाए रखा गया
इस व्यवस्थित दृष्टिकोण ने कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों को बनाए रखा।
निगरानी और समन्वय की अहम भूमिका
कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा की जा रही है, जिससे कार्य में निरंतरता बनी हुई है।
वहीं तहसीलदार प्रकाश चंद साहू द्वारा देर रात तक कार्यालय में रहकर डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करना और प्रगणकों की समस्याओं का समाधान करना इस सफलता का महत्वपूर्ण कारक रहा है।
जिले के 26 चार्ज अधिकारी, जोन कमिश्नर और सीएमओ भी अपने–अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि बिलासपुर तहसील की गति सबसे आगे रही है।
दो चरणों में संचालित हो रहा अभियान
जनगणना कार्य को प्रशासन ने दो चरणों में विभाजित किया है—
प्रथम चरण (16 अप्रैल – 30 अप्रैल):
नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) का अवसर प्रदान किया गया।
द्वितीय चरण (1 मई – 31 मई):
प्रगणक घर-घर जाकर आंकड़ों का सत्यापन और संकलन कर रहे हैं।
प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण बना बिलासपुर
बिलासपुर जिले की यह उपलब्धि न केवल प्रदेश में उसकी स्थिति को मजबूत करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रभावी नेतृत्व, स्पष्ट रणनीति और मजबूत टीमवर्क के माध्यम से बड़े से बड़े प्रशासनिक कार्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जा सकता है।
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