CG MothersDay:-मातृत्व दिवस पर पुलिस की मानवीय पहल: भजनों की धुन पर झूम उठीं वृद्ध माताएँ, हर चेहरे पर दिखा अपनापन

CG MothersDay:- मातृत्व दिवस के अवसर पर रायपुर कमिश्नरेट पुलिस की CAW विंग और पिंक पेट्रोल यूनिट की महिला टीम ने चितवन वृद्धाश्रम और मदर टेरेसा मनोरोग संस्थान पहुंचकर भावनात्मक पहल की।डॉ. अर्चना झा, अर्चना धुरंधर सहित टीम ने वृद्ध माताओं का फूलों से सम्मान किया, केक काटा और उपहार भेंट किए।इस दौरान भजनों की धुन पर वृद्ध माताएं भाव-विभोर होकर झूम उठीं और माहौल अपनापन से भर गया। पुलिस टीम ने उनके साथ समय बिताकर उनका हालचाल जाना और उन्हें अकेलेपन से राहत देने का प्रयास किया।
अंत में मनोरोग संस्थान में भी बालिकाओं और माताओं के साथ समय बिताकर पुलिस ने संवेदनशीलता का संदेश दिया।
Raipur रायपुर। कभी–कभी वर्दी सिर्फ कानून की सख्ती नहीं दिखाती… बल्कि उसके पीछे छिपा एक नरम और संवेदनशील चेहरा भी सामने आ जाता है। मातृत्व दिवस के अवसर पर रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने कुछ ऐसा ही किया, जहां ड्यूटी से बाहर निकलकर पुलिसकर्मी सीधे उन माताओं के बीच पहुंचीं, जिन्हें इस दिन अपनापन सबसे ज्यादा चाहिए था।
रायपुर कमिश्नरेट की CAW विंग और पिंक पेट्रोल यूनिट की महिला टीम टिकरापारा स्थित चितवन वृद्धाश्रम पहुंची। यहां माहौल सामान्य दिनों जैसा नहीं था—आज यहां इंतजार था उन कदमों का, जो “मां” शब्द को सम्मान देने आए थे।अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (CAW) डॉ. अर्चना झा, महिला थाना प्रभारी अर्चना धुरंधर और पिंक पेट्रोल यूनिट की महिला पुलिसकर्मियों ने वृद्ध माताओं का फूलों से स्वागत किया। सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि उनके पास बैठकर उनकी बातें सुनीं, उनका हाल जाना और उनके अनुभवों को महसूस करने की कोशिश की।
कई माताओं की आंखों में खुशी थी, तो कुछ की आंखों में लंबे समय बाद मिला अपनापन साफ झलक रहा था। पुलिसकर्मी सिर्फ औपचारिकता में नहीं थीं—वे उनके साथ बैठीं, हंसी साझा की, और जीवन की छोटी–छोटी बातों में साथ जुड़ीं।
इस दौरान केक काटा गया और उपहार भी दिए गए। लेकिन असली उपहार शायद वो समय था, जो इन माताओं को किसी ने इतने सच्चे मन से दिया था।
हम अकेले नहीं हैं”—यही एहसास बना सबसे बड़ा तोहफा
पुलिस टीम ने माताओं से बातचीत करते हुए उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और यह समझने की कोशिश की कि उन्हें सबसे ज्यादा किस चीज की जरूरत है। कई बुजुर्ग महिलाओं ने खुलकर अपनी बातें साझा कीं, जैसे कोई वर्षों बाद अपना दुख हल्का कर रहा हो।
पिंक पेट्रोल यूनिट की टीम ने इस दौरान बताया कि उनका उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि समाज के हर उस हिस्से तक पहुंचना है, जहां अपनापन कम हो गया है।
मनोरोग संस्थान में भावनाओं का दूसरा पड़ाव
इसके बाद पुलिस टीम मदर टेरेसा मनोरोग संस्थान पहुंची, जहां मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रही माताओं और बालिकाओं के साथ समय बिताया गया। यहां भी पुलिसकर्मियों ने फूल और मिठाइयां भेंट कर सम्मान दिया और सभी से बातचीत की।इस दौरान आयोजित छोटे से सांस्कृतिक कार्यक्रम में बालिकाओं ने अपनी प्रस्तुति से माहौल को भावुक कर दिया। वहां मौजूद हर व्यक्ति कुछ पल के लिए रुककर सिर्फ उस भावना को महसूस कर रहा था।
“वर्दी सिर्फ कानून नहीं, भरोसे का नाम भी है”
पुलिस अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि पुलिस की भूमिका सिर्फ अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति के साथ जुड़ाव भी उनकी जिम्मेदारी है।पिंक पेट्रोल यूनिट की महिला स्टाफ ने कहा कि आज वृद्ध माताओं के साथ बिताया गया समय उनके लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अनुभव था—जो लंबे समय तक याद रहेगा।
एक संदेश छोड़ गई यह पहल
मातृत्व दिवस पर रायपुर पुलिस की यह पहल सिर्फ एक आयोजन नहीं थी, बल्कि एक एहसास था—कि जब समाज साथ खड़ा होता है, तो अकेलापन भी अपनापन में बदल जाता है।
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