28 जून से कोटा में पोलियो महाअभियान! 39 हजार बच्चों को पिलाई जाएगी ‘दो बूंद जिंदगी की’, 264 बूथ तैयार

264 बूथों पर होगी पोलियो अभियान की शुरुआत, स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर बच्चों को पिलाएंगी दवा; BMO डॉ. निखिलेश गुप्ता ने की सहयोग की अपील
बिलासपुर।विकासखंड कोटा में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून से शुरू होगा। तीन दिवसीय इस अभियान के दौरान 5 वर्ष से कम आयु के 39,075 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 264 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. निखिलेश गुप्ता ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा जरूर पिलाएं, ताकि क्षेत्र को पोलियो मुक्त बनाए रखने का लक्ष्य पूरा किया जा सके।
कोटा।बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारी पूरी कर ली गई है। विकासखंड कोटा में 28 जून से तीन दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें 5 वर्ष से कम आयु के 39,075 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।अभियान के पहले दिन 28 जून को पूरे विकासखंड क्षेत्र में बनाए गए 264 पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
घर-घर पहुंचेंगी स्वास्थ्य विभाग की टीमें
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. निखिलेश गुप्ता ने बताया कि बूथ दिवस के बाद 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्य कर्मी घर-घर पहुंचकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाए होंगे।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान किसी भी बच्चे को पोलियो की दवा से वंचित न रहने देने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।
अभिभावकों से की विशेष अपील
डॉ. निखिलेश गुप्ता ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि 5 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दवा जरूर पिलाएं। उन्होंने कहा कि बच्चे को पहले भी पोलियो की खुराक मिल चुकी हो, तब भी इस अभियान के दौरान उसे दो बूंद दवा अवश्य दी जानी चाहिए।
अभियान को सफल बनाने की पूरी तैयारी
स्वास्थ्य विभाग ने पोलियो बूथों पर पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई है। साथ ही प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती भी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान को सफल बनाने के लिए आमजन का सहयोग सबसे जरूरी है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि “दो बूंद जिंदगी की” केवल एक नारा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक हों और आसपास के परिवारों को भी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए प्रेरित करें।
Live Cricket Info
