टेंगनमाड़ा– कुरवार क्षेत्र में किसानों को बड़ी राहत, तोखन साहू के हस्तक्षेप से रेलवे ने बढ़ाई कार्य अवधि

टेंगनमाड़ा– कुरवार क्षेत्र में किसानों को बड़ी राहत, तोखन साहू के हस्तक्षेप से रेलवे ने बढ़ाई कार्य अवधि

बिलासपुर – टेंगनमाड़ा, कुरवार और आसपास के गांवों में धान विक्रय केंद्र तक जाने वाला मुख्य मार्ग रेलवे कार्य के कारण पूरी तरह बंद होने की कगार पर था। रेलवे विभाग ने अपने निर्माण और मरम्मत कार्य के लिए इस मार्ग को लगभग डेढ़ महीने तक बंद रखने का निर्णय लिया था, जिससे धान विक्रय सीजन के बीच किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। चूंकि इसी समय किसानों को अपनी उपज को धान केंद्रों में पहुंचाना होता है, इसलिए मार्ग बंद होने से उनकी पूरी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका थी।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अखिल भारतीय किसान संगठन के तहसील अध्यक्ष प्रभात कुमार पाण्डेय ने किसानों की समस्याओं को समझते हुए तुरंत पहल की। उन्होंने बिलासपुर लोकसभा से सांसद व आवास एवं शहरी राज्य मंत्री तोखन साहू को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और बताया कि मार्ग बंद होने से किसानों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा, जिससे समय और डीज़ल दोनों की बर्बादी होगी। साथ ही, कई किसानों ने आशंका जताई थी कि समय पर धान नहीं पहुंचा पाने पर उनकी उपज खरीद-सीमा से बाहर हो सकती है।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तोखान साहू ने बिना देरी किए रेलवे विभाग के अधिकारियों से बात की। उन्होंने उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों से अवगत कराया और आग्रह किया कि किसानों को धान बिक्री के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो, इसलिए कार्य की समय सीमा को आगे बढ़ाया जाए। साहू ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों की आजीविका सीधे धान विक्रय पर निर्भर है, इसलिए उनकी सुविधा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
लगातार चर्चा और समझाइश के बाद रेलवे विभाग ने अपने प्रस्तावित कार्य की समय सीमा आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इस निर्णय से टेंगनमाड़ा, कुरवार, और आसपास के गांवों के किसानों को तत्काल राहत मिली है। अब वे पहले की तरह ही अपने वाहनों से आसानी से धान विक्रय केंद्र तक पहुंच सकेंगे और खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा नहीं आएगी।
क्षेत्र के किसानों ने तोखन साहू और प्रभात पाण्डेय दोनों का आभार व्यक्त किया। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते यह हस्तक्षेप नहीं होता, तो धान सीजन के महत्वपूर्ण दिनों में उन्हें गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता। ग्रामीणों ने कहा कि यह फैसला किसानों के हित में लिया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसने उनकी चिंता को दूर कर दिया।
रेलवे के इस निर्णय के बाद धान खरीदी केंद्रों में प्रक्रिया पहले की तरह सुचारू रूप से जारी है, और किसानों में भी राहत और संतोष का माहौल है।

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