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CG News:- कलेक्ट्रेट में ‘आम की लूट’! काम ठप, कर्मचारी मस्ती में—बांस-चादर लेकर पेड़ों पर धावा, अफसर साइलेंट; सिस्टम में जवाबदेही पर सवाल,VIDEO

CG News:- कलेक्ट्रेट हैयहां काम होना चाहिए, लेकिन यहां आम तोड़े जा रहे थे।फाइलें इंतजार करती रहीं, कर्मचारी बांस चलाते रहे, और जनता दरदर भटकती रही।अफसर वहीं थे, मगर जिम्मेदारी कहीं और चली गई थी।
अब वीडियो सामने हैसवाल भी सामने हैक्या यही है सरकारी कामकाज का सच?

Ambikapur: अंबिकापुर।जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को प्रशासनिक अनुशासन की धज्जियां उड़ती नजर आईं। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) विभाग के अधिकारीकर्मचारी शासकीय काम छोड़कर आम तोड़ने में मशगूल दिखे। शाम करीब 4 बजे, जब दफ्तरों में फाइलें चलनी चाहिए थीं, तब परिसर में लगे आम के पेड़ों के नीचेफल अभियानचलता रहा और कर्मचारी पूरे उत्साह से आम बटोरते रहे।

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VIDEO वायरल

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ कर्मचारी बांस (डंडों) से पेड़ों पर निशाना साधते रहे, तो नीचे खड़े अन्य कर्मचारी चादर फैलाकर आम समेटते दिखे। इस दौरान दफ्तर का कामकाज ठप पड़ा रहा और आमजन अपने जरूरी कामों के लिए भटकते रहे। सरकारी दफ्तर के भीतर यह नजारा केवल लापरवाही, बल्कि खुलेआम अनुशासनहीनता का प्रदर्शन बन गया।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारी पूरे घटनाक्रम के दौरान मूकदर्शक बने रहे। रोकटोक, कोई चेतावनीमानो सब कुछ उनकी मौन सहमति से चल रहा हो। इससे साफ है कि विभागीय नियंत्रण और जवाबदेही किस स्तर तक ढीली पड़ चुकी है।

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कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील परिसर में इस तरह की हरकतें प्रशासन की कार्यसंस्कृति पर गहरा सवाल खड़ा करती हैं। जिन कर्मचारियों पर जनता की समस्याएं सुलझाने की जिम्मेदारी है, वे खुद निजी गतिविधियों में उलझे नजर आए। इससे आमजन का भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है।

इधर, आम तोड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। नागरिकों ने कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि अधिकारीकर्मचारी ही कर्तव्यों से मुंह मोड़ेंगे, तो आम लोगों को समय पर न्याय और सेवाएं कैसे मिलेंगी।

जिम्मेदार अफसर ने झाड़ा पल्ला
मामले में जब कार्यपालन अभियंता अविनाश मिंज से फोन पर पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि वे बाहर हैं और कुछ नहीं कह सकते। इसके बाद कॉल काट दी गई। उनका यह रवैया भी सवालों के घेरे में है।

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Kanha Tiwari

छत्तीसगढ़ के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से लोक जन-आवाज को सशक्त बनाते हुए पत्रकारिता की अगुआई की है।

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